अमर उजाला ब्यूरो
शामली। जहरीला पदार्थ खाने से गंभीर हालत में मेरठ के अस्पताल में भर्ती कराए गए युवक की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि उधारी रकम चुकता करने के बाद भी कुछ लोग उस पर बकाया निकालकर वसूली के लिए परेशान कर रह थे। इसी वजह से उसने ये कदम उठाया। पुलिस ने मामले की जांच करने को कहा है।
मंगलवार शाम को बनत गांव निवासी बाबर (35) जहरीला पदार्थ खाकर एसपी कार्यालय पहुंच गया था। वहां तैनात पुलिस कर्मियों ने आदर्श मंडी थाना पुलिस बुलाकर उसे शामली सीएचसी भेजा था। हालत गंभीर होने पर उसे देर रात परिजन मेरठ के एक प्राइवेट अस्पताल ले गए । जहां उसकी देर रात मौत हो गई। बुधवार तड़के गांव में उसका शव पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। गमगीन माहौल में उसका शव सपुर्द ए खाक कर दिया गया। बाबर के चचेरे भाई नदीम ने बताया कि बाबर ने कुछ समय पहले एक ट्रक बनाकर ट्रांसपोर्ट का काम किया था लेकिन वो चोरी हो गया था। कई साल पहले उसने गांव के तीन लोगों से 90 हजार रुपये उधार लिए थे। धीरे धीरे उसने वो रकम चुका दी। ब्याज सहित वो 2.70 लाख रुपये उन्हें दे चुका है लेकिन अभी भी वे लोग उस पर बकाया निकालकर रुपये की मांग कर रहे हैं। उसे धमकाया जा रहा था। इसी से वो काफी परेशान था उसने शायद पूर्व में भी पुलिस से भी शिकायत की हुई थी। बुधवार को भी वो एसपी कार्यालय शिकायत करने गया था, लेकिन देर होने की वजह से कार्यालय बंद हो चुका था। बाबर के चचेरे भाई नदीम ने बताया कि उन्होंने कई बार बाबर से उक्त तीनों लोगों के नाम पूछने की कोशिश की लेकिन उसने कहा कि वो पुलिस को ही बताएगा। हालांकि परिजनों ने बाबर के शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया और ना ही कोई तहरीर दी है। उधर, आदर्श मंडी थानाध्यक्ष सुनील सहरावत ने बताया कि परिजनों ने कोई शिकायत या तहरीर नहीं दी है। पोस्टमार्टम के बिना ही शव को सपुर्द ए खाक किया गया है। फिर भी पुलिस अपने स्तर से जांच करेगी। बाबर के परिवार में उसकी पत्नी एक बेटी ओर एक बेटा है। पूरा परिवार इस घटना से गमजदा है।
महत्वपूर्ण
मंगलवार शाम को एसपी कार्यालय के पास कीटनाशक खाया था
मेरठ के अस्पताल में हुई मौत, परिवार में मचा कोहराम