फिर फन उठाने लगा मुकीम काला गैंग
कैराना (शामली)। मुकीम काला गैंग एक बार फिर फन उठाने लगा है। पूर्व में इस गैंग के अधिकांश बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेेल भेज दिया था, जबकि साबिर जंधेड़ी को एनकाउंटर में मार दिया गया था। सहारनपुर जनपद के गांव तुरमतखेडी में हुई घटना में मुकीम काला गैंग के बदमाशों की संलिप्तता से अब फिर से इस गैंग की सक्रियता सामने आ गई है। इसे लेकर पुलिस भी सक्रिय हो गई है।
गौरतलब है कि मुकीम काला गैंग ने 2014 में रंगदारी न देने पर कैराना निवासी व्यापारी विनोद सिंघल, राजेंद्र उर्फ राजू और शिवकुमार की हत्या कर दी थी। तब से यह गैंग सुर्खियों में आ गया था और पुलिस के टारगेट पर था। बाद में पुलिस ने मुकीम काला सहित गिरोह के अन्य बदमाशों के खिलाफ अभियान चलाया और गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वहीं, मुकीम काला गैंग के शार्प शूटर साबिर जंधेड़ी को मुठभेड़ के दौरान मार दिया गया था। उसके बाद माना जा रहा था कि मुकीम काला गैंग अब निष्क्रिय हो जाएगा, लेकिन सोमवार को सहारनपुर के तुरमत खेड़ी गांव में हुई घटना ने साबित कर दिया है कि मुकीम काला गैंग फिर से सक्रिय हो गया है। गैंग में नए बदमाशों को शामिल कर लिया गया है।
नौशाद के खिलाफ दर्ज हैं तीन मामले
जिला सहारनपुर के थाना रामपुर मनिहारन के गांव तुरमत खेड़ी में मारे गए कैराना क्षेत्र के गांव गोगवान निवासी नौशाद के खिलाफ कैराना कोतवाली में तीन मुकदमे दर्ज मिले हैं। गांव गोगवान निवासी नौशाद चार भाइयों में सबसे छोटा था। उसकी एक बेटी है। कैराना कोतवाली प्रभारी भगवत सिंह ने बताया कि नौशाद के खिलाफ 2014 में लेखपाल के साथ मारपीट करने का मुकदमा दर्ज है। 2015 में अवैध शराब के साथ पकड़ा गया था। 2015 में ही नौशाद के खिलाफ गुंडा एक्ट का मुकदमा दर्ज हुआ था। वहीं, मौके से फरार जंधेडी निवासी कुख्यात वाजिद काला की पत्नी रानो व उसके भाई मुनव्वर निवासी भूरा के खिलाफ कैराना कोतवाली में कोई मुकदमा दर्ज नहीं है।