कैराना (शामली)। ताबड़तोड़ चोरियों को अंजाम देने वाले गिरोह में शामिल चार महिलाओं को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ी गई महिलाएं चोरी का माल बेचने हरियाणा जा रही थी। पुलिस के अनुसार, महिलाएं रेकी करती थी, जबकि गिरोह में शामिल पुरुष सदस्य घरों में चोरी को अंजाम देते थे।
17 जुलाई को पुलिस ने शामली क्षेत्र में कुड़ाना रोड़ पर मुठभेड़ के दौरान चोर गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया था, जबकि दो मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने बदमाशों के कब्जे से अवैध असलहा समेत लगभग 25 लाख रुपये का चोरी किया हुआ माल बरामद किया था। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया था कि चोरियों और लूटपाट का सोना परिवार की महिलाओं को बेचने के लिए दिया करते थे। एसपी दिनेश कुमार ने विशेष टीम गठित कर गिरोह के अन्य सदस्यों तथा महिलाओं को गिरफ्तार करने के आदेश दिए थे।
शुक्रवार को कोतवाली कैराना पर प्रेसवार्ता के दौरान सीओ राजेश कुमार तिवारी ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम सात बजे कोतवाली प्रभारी भगवत सिंह ने टीम के साथ पानीपत रोड यमुना पुल से हरियाणा जा रही फरीदा पत्नी तस्लीम, शमीमा उर्फ बिहारन पत्नी मोहम्मद उमर, निशा पत्नी अर्जुन व रमजाना पत्नी अनवर उर्फ साका उर्फ जोनी हाल निवासीगण मोहल्ला रेतावाला, कैराना को गिरफ्तार कर लिया। महिलाओं के कब्जे से एक मोबाइल, सोने की चेन, एक लॉकेट, तीन जोड़ी पायल, एक जोड़े कुंडल, चांदी के हाथों के चार सेट, एक तगड़ी बरामद की है। उन्होंने बताया कि महिलाएं यह माल को हरियाणा के पानीपत, सोनीपत सहित दिल्ली में बेचने जा रही थी। यह महिलाएं गैंग के पुरुष सदस्यों के साथ मिलकर चोरी की वारदातों को अंजाम देती थी। कैराना क्षेत्र के ग्राम मोहम्मद राई में चोरी की बड़ी वारदात समेत ऊंचागांव, पंजीठ व कांधला एवं झिंझाना में कई चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया था। पुलिस ने पूछताछ करने के बाद महिलाओं को न्यायालय में पेश करके जेल भेज दिया। गौरतलब है कि गिरफ्तार महिलाओं में रमजाना का पति अनवर उर्फ साका उर्फ जोनी और फरीदा का पति तसलीम उर्फ बल्लू को दो दिन पूर्व मुठभेड़ में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
महिलाएं करती थी रेकी
सीओ ने बताया कि महिलाएं दो-दो का ग्रुप बनाकर गांवों में जाकर घरों में लोगों से भीख मांगने का काम करती थी। इस दौरान वह घरों की हर गतिविधियों को परखते हुए रेकी किया करती थी। इसके बाद गैंग के पुरुष सदस्य घर में घुसकर चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। चोरी का माल बड़े शहरों पानीपत, दिल्ली, सोनीपत आदि में जाकर बेच देती थी।
छह महीने से कैराना में ठहरा था गैंग
खानाबदोश गिरोह बड़े ही शातिराना अंदाज से घटनाओं को अंजाम देता था। गैंग के सदस्य अक्सर अपना ठिकाना बदलते रहते थे। सीओ राजेश तिवारी ने बताया कि पकड़ी गई महिलाओं ने पिछले छह माह से कैराना में किराये पर ठहरे होने की बात कही। आर्यपुरी देहात में रहने के बाद पिछले कुछ दिन से मोहल्ला रेतावाला में किराये के मकान में रह रहे थे।
मां के कर्मों की सजा भुगतेंगे बच्चे
चोरी के आरोप में पकड़ी गई चार महिलाओं में से तीन के साथ गोद में मासूम बच्चे थे। पुलिस ने बच्चों को उनकी मां के साथ रहने की बात कही है। इसके बाद न्यायालय में पेश करके जब महिलाओं को जेल भेजा गया, तब भी बच्चे उनके साथ ही रहे। ऐसे में लोग कहते दिखाई दिए कि मां के कर्मों की सजा बच्चों को भी भुगतनी पड़ रही है।
गिरफ्तारी में शामिल पुलिस टीम
करीब आठ साल से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सक्रिय खानाबदोश चोर गिरोह की महिला सदस्यों को गिरफ्तार करने वाली टीम में कैराना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक भगवत सिंह, उपनिरीक्षक कुमारी अंजू, उपनिरीक्षक विकास कुमार, उपनिरीक्षक जितेंद्र कुमार, उपनिरीक्षक खुर्शीद अली शामिल रहे। एसपी दिनेश कुमार ने टीम के कार्य की सराहना करते हुए उनकी प्रशंसा की है।