शामली। गाजियाबाद के नाहली में एनआईए के छापे के बाद जैसे ही मेरठ से हथियार सप्लायर के तार जुड़े, तो खुफिया विभाग शामली जिले के कैराना में भी हथियार तस्करों के कनेक्शन खंगालने में जुट गया है। कोई सटीक सूचना तो पुलिस या खुफिया विभाग को नहीं मिली है, लेकिन पुराने मामलों पर गौर किया जा रहा है।
दरअसल, कैराना का इकबाल काना और दिलशाद मिर्जा पाकिस्तान में बैठकर नकली नोट और अवैध हथियारों की सप्लाई का नेटवर्क चलाते हैं। कई साल पूर्व कैराना में पाकिस्तान से अवैध पिस्टल पहुंची थी, जो पकड़ ली गई थी। वहीं, रिश्तेदारों के माध्यम से पाकिस्तान से गठरी कारोबार के जरिये भी अवैध हथियार और सोना अवैध रूप से लाने की चर्चाएं रहीं। इन पुराने मामलों के अलावा गत जनवरी माह में ही पुलिस अधीक्षक डाक्टर अजयपाल शर्मा के नेतृत्व में गांव दभेड़ी और खुरगान में असलहा फैक्ट्री पकड़ी गई थी, तब 200 से ज्यादा तमंचे और तमंचे बनाने के उपकरण बरामद हुए थे। यहां बनने वाले तमंचों की सप्लाई आसपास के क्षेत्र के अलावा दूसरे राज्यों में भी की जाती रही है।
वहीं, एक साल पूर्व कांधला के गंगेरू निवासी इस्माइल को अटारी बॉर्डर पर टीन के कंटेनर में पिस्टल लाते समय गिरफ्तार कर लिया गया था, तो 2014 में कांधला का अनीस, उसकी पत्नी शहनाज, मुल्ला नसीर, रजिया, कैराना का आरिफ और जलालाबाद के आरिफ खान को पिस्टलों के पार्ट्स के साथ पकड़ा गया था। इन सब मामलों की वजह से कैराना भी अतिसंवेदनशील माना जाता है।
इसी लिहाज से खुफिया विभाग और पुलिस कैराना सहित आसपास के क्षेत्र में हथियार सप्लायरों को लेकर छानबीन करने में लगी हुई है। पुलिस अधीक्षक डाक्टर अजयपाल शर्मा का कहना है कि पंजाब में आरएसएस कार्यकर्ता की हत्या में इस्तेमाल हथियारों की सप्लाई करने वालों के कैराना या शामली जिले से संबंधित कोई इनपुट नहीं मिला है, लेकिन ऐहतियातन टीम अपने स्तर से जांच करती रहती हैं।
- आईबी की टीम भी ले रही जानकारी
पुलिस और स्थानीय खुफिया विभाग के साथ ही आईबी (इंटेलीजेंस ब्यूरो) की टीम भी कैराना को लेकर सक्रियता बरत रही है। बुधवार को आईबी की एक टीम शामली पहुंची और गोपनीय रूप से हथियार तस्करों के बारे में जानकारी जुटाई।