शामली। मेरठ-करनाल हाईवे पर बरलाजट के किसान सियानंद की हत्या की साजिश के दो आरोपियों को जिला बागपत कारागार से दूर दूसरे जिले की कारागार में स्थानांतरित करने की मांग पीड़ित पक्ष ने की है। पीड़ित पक्ष ने आरोपियों से वादी और गवाहों को जान का खतरा होना बताया है। पीड़ित पक्ष की मांग पर शामली पुलिस ने डीआईजी कारागार को रिपोर्ट भेजी है।
पिछले महीने 25 जून को शहर कोतवाली क्षेत्र में हाईवे पर बरलाजट गांव के किसान सियानंद की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। उस समय वह भैंसा बुग्गी में शामली मिल में गन्ना तौलकर घर लौट रहा था। मृतक की पत्नी अंजू की तरफ से बागपत के बिनौली निवासी विनेशपाल, रचित, मोंटू उर्फ आयुष और अलीपुर निवासी सुनील पर हत्या करने और बागपत जिला कारागार में बंद विनोद और मोहित पर हत्या की साजिश रचने के आरोप में कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस के मुताबिक मृतक सियानंद के भाई रविंद्र की करीब एक साल पहले बागपत में ट्योढ़ी के निकट हुई हत्या के आरोप में विनोद और मोहित बागपत जिला कारागार में पहले से बंद है। सियानंद की हत्या में नामजद अन्य चारों आरोपी भी अभी पुलिस की पकड़ में नहीं आ सके है। कोतवाल सुभाष सिंह राठौर ने बताया कि मृतक की पत्नी अंजू ने प्रार्थना पत्र देकर बागपत कारागार में बंद मोहित और विनोद से वादी और गवाहों को जान का खतरा होना बताते हुए उन्हें दूर की दूसरे जिले की कारागार में स्थानांतरित किए जाने की मांग की है। कोतवाल ने बताया कि मृतक की पत्नी एवं वादी अंजू के प्रार्थना पत्र के आधार पर डीआईजी कारागार को उनकी तरफ से रिपोर्ट भेज दी गई है।