अमर उजाला ब्यूरो
थानाभवन (शामली)। गांव मुंडेट खादर में शुक्रवार को कुरड़ी में एक युवक का सड़ा गला शव बरामद हुआ। मृतक की शनाख्त मध्य प्रदेश के जिला शहडोल के युवक के रूप में हुई, जो गांव में एक किसान के यहां मजदूरी करने आया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि करीब 20 दिन पूर्व युवक की उसके चचेरे भाई ने सिर में डंडा मार कर हत्या कर दी थी और शव को कुरड़ी में दबा दिया था। पुलिस ने आरोपी चचेरे भाई को गिरफ्तार कर लिया है।
शुक्रवार को गांव मुंडेट खादर के किसान अजीत सिंह ने शुक्रवार को पुलिस को सूचना दी कि एक युवक का शव कुरड़ी में दबा हुआ है। थानाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह पंवार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को बाहर निकलवाया। थाना प्रभारी ने बताया कि मृतक की शनाख्त पुष्पराज (25) पुत्र जयपाल निवासी गांव अमझोर थाना जायसी जिला शहडोल मध्यप्रदेश के रूप में हुई है। पुष्पराज अपने गांव के ही विनोद, श्रवण और प्रदीप के साथ किसान अजीत सिंह के यहां मजदूरी पर आया हुआ था। करीब 20 दिन से वह लापता था। शुक्रवार को किसान ने उसके साथी श्रवण से पुष्पराज के बारे में मालूमात की तो हत्याकांड का खुलासा हुआ। थाना प्रभारी के मुताबिक श्रवण ने पूछताछ में बताया कि 13 दिसंबर की रात पुष्पराज ने अपने चचेरे भाई विनोद के साथ शराब पी थी। इसके बाद दोनों में किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इस दौरान विनोद ने पुष्पराज के सिर में डंडा मार दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। 14 नवंबर की सुबह विनोद ने श्रवण के साथ मिलकर पुष्पराज के शव बोरे में डालकर कुरड़ी में दबा दिया। साथ ही श्रवण को धमकी दी कि यदि उसने इसके बारे में किसी को बताया तो वह उसकी भी हत्या कर देगा। किसान ने श्रवण से बात की तो उसने शुक्रवार को पूरी घटना बता दी।
थाना प्रभारी ने बताया कि पुष्पराज शादीशुदा था। उसे अभी कोई संतान नहीं है। उसका पूरा परिवार मध्य प्रदेश में ही रहता है। परिवार को सूचना दे दी गई है। साथ ही अजीत सिंह की तहरीर पर विनोद के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
हत्या की नहीं लगने दी किसी को भनक
थानाभवन। थानाध्यक्ष के अनुसार वारदात के 20 दिन तक आरोपी विनोद सामान्य जीवन जीता रहा और व्यवहार में कोई परिवर्तन नहीं आया। उसके स्वभाव से बिल्कुल भी पता नहीं चला कि उसने अपने चचेरे भाई की हत्या कर दी है। एकमात्र चश्मदीद श्रवण को भी उसने डरा धमका कर चुप रखा। पुष्पराज के कई दिन तक काम पर न आने पर किसान अजीत सिंह ने सख्त लहजे में उससे बात की तो मामला खुला।