कैराना। हथियार, नकली नोट और नशीले पदार्थों की तस्करी को लेकर कैराना क्षेत्र बदनाम रहा है। क्योंकि यहां रहने वाले कई लोग पाकिस्तान से ही अवैध धंधों का नेटवर्क संचालित कर रहे हैं। दिल्ली में क्राइम ब्रांच द्वारा दो युवकों की गिरफ्तारी से एक बार फिर कैराना सुर्खियों में आ गया है।
दरअसल, मूलरूप से कैराना के रहने वाले इकबाल काना और हमीदा उर्फ फहमिदा ने पाकिस्तान में बैठकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपना नेटवर्क खड़ा कर रखा है। गठरी उद्योग के जरिये नकली नोट, अवैध हथियार और मादक पदार्थों की तस्करी को अंजाम दिया जाता रहा है। इनके अलावा मिर्जा दिलशाद, हामिद उर्फ क्रांति, हनीफ उर्फ सांड, शमीम उर्फ बुर्रा, अनीस उर्फ मोटा, अनीस उर्फ लंबू, हाफिज अनवार उर्फ अंधा आदि भी हथियारों की तस्करी को लेकर चर्चाओं में रहे हैं। इसके अलावा अवैध हथियार बनाने और बेचने को लेकर भी कैराना बदनाम रहा है। दो दिन पूर्व ही पुलिस ने कैराना कस्बा के मोहल्ला रेतावाला के मकान में छापा मारकर तमंचा बनाने की फैक्ट्री पकड़ी, जिसमें तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं, एक साल पूर्व कैराना क्षेत्र के गांव खुरगान और दभेड़ी के जंगल में छापा मारकर पुलिस ने करीब 500 से ज्यादा अवैध हथियार (तमंचे और आधी बंदूकें) बरामद की थीं। इसके अलावा भी समय समय पर कैराना क्षेत्र में अवैध हथियारों के सौदागर गिरफ्तार किए जाते रहे हैं।
ढाई महीने पहले पकड़ा गया था मुल्तानी
एक मई को अटारी बॉर्डर पर कैराना क्षेत्र के ग्राम पंजीठ निवासी मुल्तान उर्फ मुल्तानी को पुलिस ने उसके समधी के साथ गिरफ्तार किया था। आरोपियों के कब्जे से प्रेशर कूकर में छिपाकर लाया गया पिस्टल और मैगजीन बरामद हुई थी।
करीबियों की कुंडली खंगाल रहा खुफिया विभाग
अवैध हथियारों सहित दो आरोपियों की गिरफ्तारी होने की सूचना मिलने पर खुफिया विभाग भी अलर्ट हो गया। गांव दभेड़ी खुर्द निवासी आस मोहम्मद के करीबियों के बारे में पुलिस और खुफिया विभाग कुंडली खंगालने में लगी हुई है।