कैराना।
मोहल्ला सरावज्ञान निवासी अशोक कुमार शर्मा ने तहरीर देकर बताया कि उसने दो साल पूर्व पानीपत के कार एजेंसी संचालक से 3.86 लाख रुपये नकद भुगतान करके एक कार खरीदी थी। उस दौरान एजेंसी संचालक ने बताया था कि उक्त कार का प्राइवेट कार के तौर पर रजिस्ट्रेशन हो जाता है। जिसके बाद उसने शामली एआरटीओ कार्यालय में आवेदन किया, तो वहां से बताया गया कि कार का केवल टैक्सी में रजिस्ट्रेशन हो सकता है। इस कारण दो साल से रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया। तहरीर में एजेंसी मालिक द्वारा धोखे से कार बेचने पर कार्रवाई की मांग की गई है। पुलिस ने तहरीर लेकर जांच शुरू कर दी है।