शामली। जिस अपहृत युवक को ढूंढने में पुलिस को पसीने आ गए, वह मंगलवार को सकुुशल स्वयं लौट आया। पुलिस के अनुसार युवक का अपहरण नहीं हुआ था। ससुरालियों को फंसाने के उद्देश्य से वह जानबूझकर लापता हो गया था। आरोपी के खिलाफ धारा 182 के तहत कार्रवाई की जा रही है।
जिला गाजियाबाद के लोनी निवासी वीरेंद्र ने गढ़ीपुख्ता थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके लड़के रवि की शादी की मालैंडी में हुई थी। आरोप लगाया था कि ससुराल पक्ष के लोग उसे धमकी दे रहे थे। 20 मार्च को ससुरालियों ने उसको शामली में बुलवाया था। इसके बाद से वह नहीं लौटा। रवि की बाइक मालैंडी के जंगल में खड़ी मिली थी। पुलिस ने मामले में 22 मार्च को ससुरालियों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कर जांच शुुरू कर दी थी। पुलिस उसकी तलाश भी कर रही थी। बुधवार को रवि को लेकर उसके परिजन थाने पहुंचे तथा सारी बात बताई। युवक के सकुशल लौटने पर गढ़ीपुख्ता पुलिस ने चैन की सांस ली। थानाध्यक्ष ओमप्रकाश ने बताया कि पति-पत्नी के बीच विवाद चल रहा था। ससुराल पक्ष के लोगों को फंसाने के लिए रवि अपने अपहरण का ड्रामा खुद रचा और मालैंडी में बाइक खड़ी करके वह वहां से हरिद्वार चला गया। वहां दो दिन रहा। इसके बाद वह अपने घर लौट आया था। एसओ के अनुसार अच्छी बात है कि रवि सकुशल मिल गया, लेकिन उसने किसी दूसरे को झूठा फंसाने के लिए स्वयं अपहरण का नाटक रचा, इसमें उसके खिलाफ धारा 182 के तहत कार्रवाई की गई है।