पुलिस ने श्रमिक वसीम हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस हत्याकांड में वसीम की पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि आपत्तिजनक हालत में देखे जाने पर पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर वसीम को पीटा और फिर तकिये से मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी थी।
शुक्रवार सुबह शामली रोड स्थित झल्लू के होटल के पीछे किराये के मकान में रहने वाले वसीम का शव उसके कमरे में मिला था। वसीम की पत्नी गुलिस्ता ने सुबह पांच बजे गांव कंडेला में अपनी सास अजरा को कॉल करके वसीम की मौत के बारे में बताया था। वसीम की गर्दन, आंख, पैरों पर चोट के निशान थे। गर्दन नीली होकर सूज गई थी। वसीम की मां अजरा की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। वही, पुलिस ने शक के आधार पर वसीम की पत्नी गुलिस्ता और मकान के बाहर स्थित ढाबा संचालक के बेटे अनिल उर्फ काला, निवासी गांव बदलूगढ को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र सिंह पंवार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में वसीम की मौत का कारण दम घुटना आया है। साथ ही पूछताछ के बाद गुलिस्ता ने बताया कि एक माह से अनिल से उसके संबंध थे। शुक्रवार की रात वह अपने प्रेमी अनिल के साथ कमरे में थी। इसी दौरान वसीम की आंख खुल गई तथा उन दोनों को आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। इसके बाद आरोपियों ने पहले वसीम को डंडे से पीटा। इसके बाद वसीम के मुंह पर ताकिया रख कर दबा दिया, जिससे उसकी की मौत हो गई।
उधर, वसीम की मां अजरा ने भी शनिवार सुबह दूसरी तहरीर देकर गुलिस्ता और अनिल पर वसीम की हत्या करने का आरोप लगाया। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि हत्यारोपी गुलिस्ता और अनिल को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश कर दिया। न्यायालय के आदेश पर दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
कोतवाली में फूट फूट कर रोया अनिल
वसीम की हत्या के आरोप में जेल भेजा गया अनिल कोतवाली में फूट फूटकर रोता रहा। अनिल एक ही बात बार बार दोहरा रहा था कि गुलिस्ता ने अपने प्रेमी को बचाने के लिए उसे तथा अपने आप को फंसाया है। अनिल कह रहा था कि उसने तो पहले कभी गुलिस्ता का चेहरा तक नहीं देखा। आखिर वह अपने प्रेमी को बचाकर अपने साथ मेरी भी बलि दे रही है।
आखिर कौन है शहजाद
गिरफ्तार की गई हत्यारोपी गुलिस्ता के बाएं कंधे पर शहजाद नाम गुदा हुआ है। गुलिस्ता ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि शहजाद उसका पहला प्रेमी था, जो अब हरिद्वार स्थित फैक्ट्री में मजदूरी करता है।