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इज्जत की खातिर पिता और भाई ने मिलकर की थी युवती की हत्या

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अमर उजाला ब्यूरो
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थानाभवन (शामली)। क्षेत्र के गांव सोंहजनी उमरपुर गांव में भूसे के कूप में मिले युवती के अधजले शव के प्रकरण का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने युवती की हत्या करने के आरोप में उसके पिता और भाई को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि इज्जत की खातिर पिता ने अपने बेटे के साथ मिलकर युवती की हत्या कर शव को जलाने की कोशिश की थी।
सोमवार को थानाभवन थाने में पुलिस अधीक्षक अजय कुमार ने प्रेसवार्ता में बताया कि 23 मार्च को सुबह सोंहजनी उमरपुर के जंगल में भूसे के कूप से पुलिस ने युवती का अधजला शव बरामद किया था। शव की शनाख्त गांव की मुसरत के रूप में हुई थी। शुरूआत से ही पुलिस के शक की सुई ऑनर किलिंग की तरफ घूम रही थी। इसके चलते पुलिस ने मृतका के पिता शमशेर अली और उसके पुत्र इसराइल को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। सख्ती से पूछताछ करने पर पिता शमशेर अली ने बताया कि उसके सात संतान हैं, इनमें एक लड़का व एक लड़की की शादी हो चुकी है। मुसरत का चरित्र ठीक नहीं था और वह मोबाइल पर बात करती रहती थी। मना करने पर भी वह नहीं मान रही थी। इसके चलते उसकी शादी में भी रुकावट आ रही थी। आसपास के लोग उन्हें लगातार ताने देते थे। समाज में हो रही बदनामी और बेइज्जती के चलते उसने अपने बेटे के साथ मिलकर उसकी हत्या करने की ठान ली। 22 मार्च की रात करीब तीन बजे वे मुसरत को जबरन बाइक पर बैठाकर आस मोहम्मद के खेत में ले गए। वहां पहुंचकर पहले सिर पर डंडे मारकर उसको बेहोश कर दिया। इसके बाद गला दबाकर हत्या कर दी। सबूत नष्ट करने के लिए शव को भूसे के कूप में डालकर आग लगा दी थी। एसपी ने केस का खुलासा करने वाली टीम को 20 हजार रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की है।
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एक माह पहले रची थी हत्या की साजिश
शमशेर अली ने पुलिस पूछताछ में बताया कि एक माह पहले मुसरत की हत्या करने का मन बना लिया था। इसके चलते इसराइल एक महीने में घटनास्थल पर कई बार पहुंचकर वारदात को अंजाम देने का ट्रायल करता रहा। इसराइल यह देखना चाहता था कि जब वे घटना को अंजाम दे तो उस समय उन्हें कोई देेेख न ले। हत्या के बाद शव को किस तरह नष्ट किया जाए ताकि उसका किसी को पता न चल सके।
पत्नी और बच्चों को ससुराल छोड़ आया था इसराइल
जब दोनों पिता-पुत्र ने हत्या करने का पूरी तरह से मन बना लिया था। उससे पहले शमशेर का बेटा इसराइल अपनी पत्नी व दोनों बच्चों को ससुराल छोड़ आया था। उसका मानना था कि अगर मुसरत की हत्या में वे पकड़े जाते है तो उसकी पत्नी और बच्चों पर किसी तरह का आरोप न लग सके।
दो दिन तक पुलिस को गुमराह करते रहे आरोपी
पुलिस के अनुसार आरोपी शमशेर और इजराइल खुद को बचाने के लिए पुलिस के सामने उन युवकों पर हत्या का आरोप लगाते रहे, जिन युवकों से मुसरत फोन पर बात करती थी। इसके चलते पुलिस ने कस्बा निवासी दो युवकों से पूछताछ भी की थी, लेकिन पुलिस की जांच में उनका दोष नहीं पाया गया।

शव पूरा जल जाता तो उलझ सकता था मामला
एसपी ने बताया कि पिता-पुत्र रात के तीन बजे मुसरत को लेकर खेत में पहुंचे। हत्या के बाद शव को पूरी तरह जलाने की योजना थी। दोनों पिता-पुत्र रात तीन बजे से सुबह पांच बजे तक शव को जलाने की कोशिश करते रहे। उन्हें यह बात पता था कि पांच बजे ग्रामीण सोकर उठ जाते हैं और उनका खेत पर जाना शुरू हो जाता है। इसलिए पांच बजे दोनों शव को जलता हुआ छोड़ भागे, ताकि उन्हें कोई देख न ले। यदि शव पूरा जल जाता तो उसकी पहचान करना पुलिस के लिए मुश्किल हो जाता और केस उलझ सकता था।

छह बीघा जमीन से परिवार पालता है शमशेर
पुलिस पूछताछ में शमशेर ने बताया कि वह छह बीघा कृषि भूमि में खेतीबाड़ी कर परिवार का पालन करता है। गांव में गरीब परिवार की श्रेणी में आता है। बताया कि मुसरत की वजह से उसकी लगातार बदनामी हो रही थी। उसने सोचा कि यदि ऐसा ही चलता रहा तो उसके बच्चों की शादी नहीं होगी। यही वजह थी कि मुसरत के कई रिश्ते तय होने से पहले ही टूट जाते थे।
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केस का खुुलासा करने वाली टीम
थानाध्यक्ष संदीप बालियान, एसआई पवन सैनी, नरेश कुमार, अंकुर शर्मा, सुरेंद्र, स्वाट टीम प्रभारी मुनेंद्र सिंह, सत्यपाल सिंह, दुर्वेश डबास, विकास कुमार, प्रवीण कुमार, नितिन इस केस का खुलासा करने वाली टीम में शामिल रहे।
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