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जमीयत के जिला सदर को धमकी मिलने के बाद सक्रिय हुआ खुफिया तंत्र

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धमकी की जांच सर्विलांस सैल को सौंपी
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अमर उजाला ब्यूरो
शामली। मोबाइल फोन पर धमकी भरी कॉल आने के बाद जमीयत-ए-उलमा हिंद के जिला सदर मौलाना साजिद कासमी दहशत में है। मौलाना का कहना है कि पुलिस को पूरे मामले की जानकारी देने के बाद भी अभी तक कोई सुरक्षा नहीं मिली है। एसपी ने इस मामले की जांच सर्विलांस सैल को सौंपी है।
जमीयत-ए-उलमा हिंद के जिला सदर मौलाना साजिद कासमी के मोबाइल पर बृहस्पतिवार सुबह 15 मिनट के अंतराल में दो बार धमकी भरी कॉल आई थी। मौलाना ने बताया उन्हें दूसरी बार जिस नंबर से कॉल आई उसका नंबर 92 से शुरू है। मौलाना ने आशंका जताई थी कि वह कॉल पाकिस्तान से हो सकती है। खुफिया विभाग के अधिकारियों ने भी मौलाना से फोन पूरे मामले की जानकारी ली है। मौलाना ने एसपी अजय कुमार से मिलकर पूरे मामले की जानकारी दी थी। एसपी ने इस मामले की जांच सर्विलांस सैल को सौंपी है। अधिकारी सर्विलांस के माध्यम से इस बात की जानकारी पुख्ता करने में जुटे है कि मौलाना के मोबाइल पर कॉल कहां से आई और वे नंबर किसके नाम पर चल रहे हैं। इसके बाद ही पुलिस की जांच आगे बढ़ेगी। मौलाना साजिद ने कहा कि धमकी के बाद से वे डरे हुए हैं। एसपी को उन्होंने पूरे मामले से अवगत कराते हुए जान-माल की सुरक्षा की मांग की है। लेकिन अभी तक उन्हें कोई सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई गई। इस संबंध में एसपी अजय कुमार का कहना है कि इस मामले की जांच सर्विलांस को सौंपी गई। अभी इसकी रिपोर्ट नहीं आई है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मौलाना की सुरक्षा के सवाल पर एसपी ने कहा कि उन्होंने अभी उनसे सुरक्षाकर्मी की मांग नहीं की है। जरूरी होने पर स्वयं ही उनकी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे।
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आतंकी कनेक्शन में चर्चा में आया शामली
शामली। जमीयत-ए-उलमा हिंद के जिला सदर मौलाना साजिद कासमी के मोबाइल पर धमकी भरी कॉल आने के बाद शामली जिला एक बार फिर आतंकी कनेक्शन को लेकर चर्चा में आ गया है। शामली जिले का कस्बा कैराना गठरी व्यवसाय से लेकर जाली करन्सी और पाकिस्तान से हथियारों की तस्करी को लेकर चर्चा में रहा। कांधला, कैराना, थानाभवन और शामली क्षेत्र के कई लोग पाकिस्तान से अवैध रूप से पिस्टल और अन्य हथियारों के साथ अटारी बार्डर पर पकड़े जा चुके हैं। अब मौलाना साजिद कासमी के मोबाइल पर अनजान नंबर से आई कॉल में जिस तरह से आलू, प्याज, टमाटर का हवाला देते हुए दो लोगों को पनाह देने के लिए जगह मुहैया कराने को कहा है। उसे कोड में बात करना माना जा रहा है। खुफिया विभाग गोपनीय तरीके से इस बात पड़ताल में जुटा है। करीब दो माह पहले अमृतसर में हुए हमले के बाद सोशल मीडिया पर आतंकियों ने फोटो वायरल की थी। इसके बाद उनके दिल्ली और आसपास के इलाकों में कहीं छिपे होने की आशंका पर देश में हाई अलर्ट जारी किया गया। हालांकि अभी तक उन आतंकियों के बारे में कुछ पता नहीं चल सका है। उधर, अधिकारी किसी तरह के आतंकी कनेक्शन या साजिश जैसी बात से इंकार कर रहे हैं।
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