शामली के झिंझाना में अवैध रूप से बनाकर कच्ची शराब खुलेआम बेची जा रही है। शराब बिक्री का तरीका जरा अलग है। यहां घरों में ही शराब परोसी जाती है और उस कार्य को महिलाएं करती हैं। शराब बिक्री और शराबी युवकों के उत्पात मचाने से आसपास के लोग परेशान हैं, मगर आबकारी विभाग और पुलिस कार्रवाई के नाम पर मौन साधकर बैठी है।
मोहल्ला माजरा स्थित बने इंदिरा आवासों के मालिकों ने अपने मकान बावरिया समाज की महिलाओं को किराए पर दिए हुए हैं। जिनमें ये महिलाएं सुबह सात बजे से लेकर रात्रि 10 बजे तक खुलेआम कच्ची शराब बेच रही हैं। वहां से शराब पीकर निकलने वाले शराबियों से मोहल्ले की महिलाएं और बच्चे परेशान हैं। युवक शराब पीकर वहां उत्पात मचाकर आपस में गाली गलौज करते हैं। मोहल्ले वालों ने शराबबंदी को लेकर कई बार हंगामा कर पुलिस को लिखित में सूचना दी है, लेकिन पुलिस ने शराब इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की।
पानी के टैंक में भर दी कच्ची शराब ः मोहल्ला माजरा में एक शराब बेचने वाली महिला ने पुलिस से बचने के लिए मकान की छत रखे पानी के टैंक को ही कच्ची शराब से भर दिया। जो भी युवक शराब पीने आता वह दस रुपये के पानी की मांग करता है, तो महिला उसे एक गिलास भरकर कच्ची शराब परोस देती है।
कई लोगों की हो चुकी है मौत
कच्ची शराब पीने से मोहल्ले में अब तक एक ही परिवार से सोहनलाल, भोला, कुसुम सहित तीन लोगों की मौत हो चुकी है। इस परिवार में विशाल बचा है। वह भी कच्ची शराब पीने का आदी है और अक्सर उक्त इंदिरा आवास में पहुंचकर शराब पीता है। शराब का अत्यधिक सेवन करने से उसकी हालत भी बिगड़ रही है तथा चिकित्सकों ने भी उसका उपचार करने से इंकार कर दिया है।
आंदोलन की चेतावनीः कस्बा झिंझाना निवासी आनंद चंचल सभासद, रवि गहलोत सभासद पति, अमित वाल्मीकि, नारायण कश्यप, बीनू, अरविंद गहलोत, विकास कुमार, सोहनलाल फौजी, किशनलाल, जयपाल, अमर, दौलत, सुभाष, रतिराम कश्यप, राकेश, गोपाल और मुकेश आदि का कहना है कि अगर मोहल्ले में बिक रही शराब पर अंकुश नहीं लगाया गया तो पुलिस के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। लोगों का कहना है कि आबकारी विभाग ने कई बार छापामारी की, लेकिन छापे की सूचना लीक होने पर शराब बेचने वाले फरार हो जाते हैं।