जलालाबाद। क्षेत्र के गांव हसनपुर लुहारी स्थित सहकारी समिति के चौकीदार की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जिसका शव समिति के कमरे में पड़ा मिला। आक्रोशित ग्रामीणों ने हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए थानाभवन-चरथावल मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। पुलिस अधीक्षक के जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने के आश्वासन पर लोग शांत हुए।
मारूखेड़ी निवासी ऋषभ उर्फ टप्पू पुत्र योगेंद्र हसनपुर लुहारी स्थित सहकारी समिति में चौकीदार था। सोमवार रात करीब आठ बजे वह घर से ड्यूटी पर गया था, लेकिन मंगलवार सुबह आठ बजे तक घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने समिति पर जाकर देखा। यहां कमरा अंदर से बंद मिला। लोगों ने खिड़की तोड़कर देखा तो अंदर ऋषभ का शव पड़ा था, उसकी सीने पर गोली मारकर हत्या की गई थी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। इसके बाद परिजनों ने हत्यारों को गिरफ्तारी की मांग को लेेकर कादरगढ़ स्थित थानाभवन-चरथावल मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया।
सूचना पर पुलिस अधीक्षक रामसेवक गौतम, सीओ श्रेष्ठा ठाकुर मौके पर पहुंचे और जल्द ही घटना का खुलासा करने का आश्वासन देकर मामले का शांत किया। इसके बाद लोगों ने जाम खोला। पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए आरोपी
सहकारी समिति में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में सामने आया कि रात करीब साढ़े नौ बजे कुछ युवक वहां पहुंचे थे, लेकिन कुछ समय बाद ही वे वहां से चले गए। इसके बाद रात साढ़े 12 बजे दो युवक समिति में पहुंचे थे। इनमें से एक युवक ने मुंह पर कपड़ा बांध रखा था और उसके हाथ में कुछ सामान था, जो ऋषभ के कमरे के गेट तक जाता हुआ दिखाई दे रहा है। युवक समिति की पीछे की दीवार फांदकर अंदर घुसे थे। मुंह पर कपड़ा बांधने वाले युवक ने एक कैमरा को उल्टा भी किया। पुलिस की जांच के दौरान समिति के पीछे से दो चप्पल भी बरामद हुई हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान में जुटी है।
दिन में दुकान, रात को चौकीदार की ड्यूटी करता था ऋषभ
परिजनों ने बताया ऋषभ रात के समय सहकारी समिति हसनपुर लुहारी में चौकीदार की नौकरी करता था। दिन में वह कादरगढ़ बस स्टैंड पर किरयाना की दुकान चलाता था।
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तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा था
ऋषभ तीन भाई बहनों में सबसे छोटा था। सबसे बड़ा भाई शादीशुदा है और हरिद्वार में नौकरी करता है। बड़ी बहन की भी शादी हो चुकी है। पिता योगेंद्र मुजफ्फरनगर में नौकरी करते हैं। सबसे छोटा ऋषभ था, जिसकी अभी शादी नहीं हुई थी।
-तीन घंटे बाद पहुंची पुलिस
ग्रामीणों का कहना है कि सबह करीब साढ़े आठ बजे ऋषभ की मौत की सूचना परिजनों व ग्रामीणों को मिल गई थी। वहीं इसकी सूचना पुलिस को उसी समय दे दी गई थी, लेकिन पुलिस करीब साढ़े 11 बजे पहुंची। पुलिस चौकी घटनास्थल से मात्र डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
कोट
ऋाषभ हत्याकांड में सीसीटीवी कैमरे में घटना संबंधी तथ्य मिले हैं। कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
-रामसेवक गौतम, पुलिस अधीक्षक।