शामली। विभागीय अधिकारियों की हीलाहवाली के कारण 121 किमी लंबाई के अंबाला-शामली ग्रीन फील्ड इकोनॉमिक काॅरिडोर एक्सप्रेसवे का निर्माण अधर में लटक गया है। आंध्र प्रदेश की कंसल्टेंट कंपनी एक्सप्रेस-वे के डिजाइन को अभी तक एनएचएआई को स्वीकृति के लिए नहीं दे पाई है, जिसके कारण निर्माण में देरी हो रही है। सड़क चौड़ीकरण का कार्य अधर में लटका हुआ है। उधर, सहारनपुर जिले में जंगल में खड़े पेड़ों की 42 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि तो जारी कर दी गई मगर शासन की अनुमति नहीं मिलने के कारण किसानों तक नहीं पहुंच सकी है। इस तरह 2025 तक एक्सप्रेस वे का पूरा होना मुश्किल लग रहा है।
हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाला 121 किमी लंबाई का अंबाला-शामली ग्रीन फील्ड इकोनॉमिक काॅरिडोर एक्सप्रेसवे अंबाला कुरूक्षेत्र, करनाल, यमुनानगर, सहारनपुर जिलों से होता हुआ शामली के थानाभवन क्षेत्र के गोगवान जलालपुर में दिल्ली-देहरादून इकोनमिक कारिडोर एक्सप्रेसवे में मिलेगा। इस इकोनमिक काॅरिडोर एक्सप्रेसवे में जिले के 12 गांंवों की भूमि का अधिग्रहण हो चुका है। किसानों को 185 करोड़ रुपये का मुआवजा भी दिया जा चुका है।
निर्माण एजेंसी थानाभवन कस्बे के बाहर अपना प्लाट स्थापित कर चुकी है। पिछले दस माह से शामली जिले में अधिग्रहण की गई भूमि पर मिट्टी डालकर समतल करने का काम किया जा रहा है। मगर सड़क चौड़ीकरण और अन्य कार्य बंद हो गए हैं। निर्माण एजेंसी का काम देख रहे कपिल त्यागी ने बताया कि निर्माण एजेंसी ने पिछले दस माह में भूमि अधिग्रहण करने के बाद मिट्टी डालकर निर्माण कार्य करने की शुरूआत की। आंध्र प्रदेश की कंसल्टेंट एजेंसी एक्सप्रेसवे निर्माण का डिजाइन स्वीकृति के लिए एनएचएआई की अंबाला डिवीजन को पेश नहीं कर पाई है। डिजाइन मिलने के बाद ही निर्माण एजेंसी रोड निर्माण कार्य तेजी से कार्य करेगी। सहारनपुर के किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए भी शासन से मांग की जा रही है। उधर, जिला पंचायत के पूर्व सदस्य शेर सिंह राणा, अशोक चौधरी आदि ने जल्द से जल्द निर्माण कार्य पूरा कराने की मांग की है।
- गंगोह, थानाभवन और गोगवान जलालपुर में बनेंगे इंटरचेंज
निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर केके शर्मा ने बताया कि सहारनपुर जिले में 15 और शामली जिले में पांच किमी क्षेत्र में मिट्टी डालने का कार्य चल रहा है। गंगोह, थानाभवन और गोगवान जलालपुर में इंटरचेंज बनाए जाएंगे। तीनों स्थानों पर टोल केंद्र बनाए जाने हैं। अंबाला-शामली इकोनॉमिक कॉरिडोर एक्सप्रेसवे पर दिसबर तक मिट्टी कार्य पूरा हो जाएगा। 2025 तक ग्रीन फील्ड इकोनॉमिक कॉरिडोर एक्सप्रेसवे को पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
- इन 12 गांवों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे
शामली तहसील के गांव गोगवान जलालपुर, अब्दुलापुर मोरमाजरा, कुतुबगढ़, जमालपुर, तितारसी, थानाभवन पट्टी, नौगांवा, पट्टी कालरा, भैसानी इस्लामपुर, औंरगाबाद गंदवेड़ा।