शामली। नगरपालिका शामली ने शहर से निकलने वाले गीले कूड़े का निस्तारण कर खाद तैयार करने वाले वेस्ट टू कंपोस्ट प्लांट का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। लगभग 250 वर्ग मीटर भूमि पर प्लांट का निर्माण होगा और इसमें दस बड़े पिट (गड्ढे) बनाए जाएंगे। इसी महीने में प्लांट का निर्माण पूरा होने की उम्मीद है।
शहर से रोजाना करीब 40 टन सूखा व गीला कूड़ा निकलता है। अभी तक कूड़े के निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण भैंसवाल रोड पर पालिका की करीब 40 बीघा भूमि पर कई साल से कूड़ा इकट्ठा किया जा रहा है, जिस कारण कूड़े का पहाड़ बना हुआ है। नगर पालिका ने अब गीले कूड़े के निस्तारण के लिए प्लांट का निर्माण शुरू किया है। इस प्लांट के बनने से जहां गीले कूड़े का निस्तारण होगा, वहीं इससे खाद तैयार की जाएगी।
पालिका ने मोहल्ला पंसारियान में बनाए गए एमआरएफ सेंटर के भवन के निकट प्लांट के लिए लगभग 250 वर्ग मीटर भूमि का चयन किया है। इस भूमि पर निर्माण कार्य शुरू हो गया है। शुरूआत में भूमि की चहारदीवारी का कार्य किया जा रहा है। इसके बाद 10 फुट लंबे, चार फुट चौड़ाई के गहराई वाले आठ से दस पिट यानि पक्के गड्ढों का निर्माण किया जाएगा। इसी महीने प्लांट का निर्माण होने की उम्मीद है। नगरपालिका की अगले महीने अप्रैल से इस प्लांट का चालू करने की योजना है।
नगरपालिका के सफाई एवं खाद्य निरीक्षक आदेश सैनी ने बताया कि मोहल्ला पंसारियान में एमआरएफ सेंटर के भवन के बराबर में वेस्ट टू कंपोस्ट प्लांट का निर्माण शुरू हो गया है। इस प्लांट के बनने से जहां गीले कूड़े का निस्तारण होगा, वहीं इससे खाद तैयार की जाएगी। इसी महीने में प्लांट का निर्माण कार्य पूरा होने पर अगले महीने से इसे चालू कर दिया जाएगा।
एमआरएफ सेंटर पर शुरू हुई सूखे कूड़े की छंटाई
शामली। मोहल्ला पंसारियान में सूखे कूड़े से प्लास्टिक, थर्माकोल, पॉलीथिन, कांच आदि अलग करने के लिए एमआरएफ सेंटर का निर्माण पिछले साल पूरा हो गया था, लेकिन शासन से बजट न मिलने के कारण अभी तक मशीनें नहीं लग पाई है। मशीनों के लिए अभी बजट न मिलने पर एमआरएफ सेंटर पर कर्मचारियों को लगाकर सूखे कूड़े से मैटेरियल अलग-अलग करने का काम शुरू किया गया है।
सफाई एवं खाद्य निरीक्षक आदेश सैनी ने बताया कि घर-घर से कूड़ा संग्रह किया जा रहा है। सूखा और गीला कूड़ा अलग-अलग देने के लिए नागरिकों को जागरूक किया जा रहा है। लगभग 40 प्रतिशत लोगों ने अलग-अलग सूखा और गीला कूड़ा देना शुरू कर दिया है। उम्मीद है इस महीने के अंत तक 70 प्रतिशत लोग अलग-अलग सूखा व गीला कूड़ा देना शुरू कर देंगे।