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वर्षों से बदहाल चौसाना बाईपास, ग्रामीण परेशान

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वर्षों से बदहाल चौसाना बाईपास, ग्रामीण परेशान
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शामली, चौसाना। थानाभवन मार्ग को जोड़ने वाला चौसाना बाईपास वर्षों से बदहाल है। कुछ समय पूर्व सड़क के गड्ढों को भरवाया गया था। लेकिन उसके बाद से आज तक सड़क पर ध्यान नहीं दिया गया। सड़क में दो-दो फुट के गड्ढे बने हुए हैं। वाहनों के पहिये गड्ढों में धंस जाते हैं और बस्ती का गंदा पानी गड्ढों में भरने के कारण सड़क तालाब जैसी दिखती है।
बाईपास मार्ग ही गंगोह-सहारनपुर मार्ग को भी जोड़ता है। दूसरी ओर पंचायत स्तर से भी सड़क की मरम्मत अथवा गड्ढों को भरने का काम नहीं किया गया। क्षेत्र की सड़कें लोगों की परेशानी का सबब बनी हुई हैं। थानाभवन मार्ग के चौसाना बाईपास का निर्माण करीब दस वर्ष पूर्व किया गया था। इन दिनों थानाभवन मार्ग का दो किमी सड़क का टुकड़ा लोगों की परेशानी का सबब बना हुआ है। बाईपास से हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तराखंड के लिए लोगों का आवागमन होता है। लेकिन बाईपास पर वाहनों के पहिये रुक जाते हैं। बाईपास मार्ग पर दो-दो फुट गहरे गड्ढे हो गए हैं। जिन पर पैदल चलना तो दूर वाहनों का निकलना तक मुश्किल हो गया। सड़क के गड्ढे तालाब का रूप ले चुके हैं। जिसकी ओर न तो किसी प्रशासनिक अधिकारी ने ध्यान दिया और ना ही किसी जनप्रतिनिधि ने। क्षेत्र के लोगों ने इसकी मरम्मत के लिए कई बार उच्चाधिकारियों को इसकी शिकायत की और मुख्यमंत्री के ऑनलाइन पोर्टल पर भी इसको लिखा लेकिन समाधान नहीं हो सका। अब यहां के लोग आस लगाए बैठे हैं कि बाईपास के दिन कब बहुरेंगे।
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- चौसाना के मुकेश सिंघल का कहना है कि बाईपास सड़क की हालत खराब है। सड़क के टूटने के साथ ही गंदगी की भी भरमार हो रही है। सरकार का कोई भी नुमाइंदा इसकी ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
- चौसाना के कंवरपाल उर्फ घुसू पंडित का कहना है कि जब भी जिलाधिकारी से मिलते हैं तभी सड़कों की बदहाली व इनकी मरम्मत के लिए बातचीत होती है। लेकिन क्षेत्र की सड़कों की ओर कोई भी ध्यान नहीं देता और ना ही प्रदेश सरकार का सड़क गड्ढा मुक्त अभियान हमारे परेशानियों को दूर कर सका।
- गढ़ीहसनपुर के शोकीन का कहना है कि जब वह सुबह चौसाना से अखबार वितरण के लिए जाता है तो साइकिल के पहिये धंस जाते हैं। बरसात के दिनों में हालात बदतर हो जाते हैं। कई बार तो वह अखबार सहित गिर भी गया। सड़क नहीं हादसों वाली सड़क कहा जाए तो गलत नहीं होगा।
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- संदीप कुमार का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है, साथ ही प्रदेश सरकार द्वारा गड्ढा मुक्त सड़कों का अभियान जारी है। लेकिन जब इस क्षेत्र की बारी आती है तो काम धरातल पर नहीं दिखता। बाईपास से जो गुजर जाता है वह दोबारा यहां से गुजरना पसंद नहीं करता है। बाईपास ही हालात इतनी खराब रही है कि पैदल चलना तो दूर वाहनों से भी सड़क को पार नहीं कर सकते।
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