शामली ब्लाक रोड के अर्बन अस्पताल में बच्चो को चैकप करते चिकित्सक
शामली। मौसम में बदलाव का सबसे अधिक असर बच्चाें पर पड़ रहा है। इस मौसम में बच्चों को बुखार, नजला, जुकाम व खांसी के मरीजों की सरकारी व निजी अस्पतालों में भीड़ लगी है। इस मौसम में लोगों को बच्चों को बीमारियों से बचाने के लिए सावधानी बरतने की जरूरत है।
जिले का मौसम बदल रहा है। दिन में मौसम गरम और रात में ठंडा हो रहा है। इसका असर वैसे तो सभी उम्र के लोगों पर पड़ रहा है, लेकिन सबसे ज्यादा दस साल तक के बच्चे प्रभावित हो रहे हैं। बदलते मौसम की वजह से बच्चाें में वायरल बुखार, डेंगू, मलेरिया व टाइफाइड के अलावा जुकाम व खांसी हो रही है। इस तरह के मरीजों की सरकारी व निजी अस्पतालों में भीड़ लगी है। चिकित्सकों का कहना है कि बड़ों के मुकाबले बच्चों पर मौसम बदलने का असर ज्यादा पड़ता है। बच्चों को बुखार व अन्य बीमारियों से बचाव के लिए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। सीएचसी के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. उपकार मलिक ने बताया कि बच्चों में सबसे ज्यादा वायरल बुखार चल रहा है। इसके अलावा नजला, जुकाम व खांसी के मरीज आ रहे हैं। कुछ बच्चों में पेट में संक्रमण के भी आ रहे हैं। कुछ बच्चे टाइफाइड व मलेरिया बुखार के भी आ रहे हैं। इन सबसे बचने के लिए लोगों को बच्चों को खानपान और मौसम के अनुसार कपड़े पहनाने की जरूरत है। इससे मच्छरों का भी बचाव होगा और पौष्टिक खानपान से बीमार होने का भी खतरा नहीं रहेगा।
इस तरह करें बचाव:
- रात में सोते समय पूरी बाजू के शरीर को ज्यादा ढ़कने वाले कपड़े पहने।
- ज्यादा ठंडी चीजों का सेवन न करें। ठंडे पेय पदार्थों का सेवन करने से बचे।
- फ्रिज में रखी चीजों को तुरंत न खाएं, उन्हें कम से कम आधा घंटा बाहर रखें।
-रात को सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
- गीले वस्त्र न पहने और ज्यादा देर तक पानी में न भीगे।