शामली। जिले में बार-बार बदल रहा मौसम आंखों पर भारी पड़ रहा है। इस समय अस्पतालों में कंजेक्टिवाइटिस के मरीज बढ़ गए हैं। आंखों के मरीजों में 40 से 45 प्रतिशत मरीज इस रोग से ग्रसित आ रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि आंखों की सुरक्षा के लिए सावधानी बरतने की जरूरत है। इसमें लापरवाही भारी पड़ सकती है।
जिले का मौसम बार-बार बदल रहा है। कभी बारिश होने से मौसम ठंडा हो जाता है तो कभी तेज धूप निकलने से मौसम गरम हो रहा है। नमी व तेज धूप वाले मौसम का प्रतिकूल असर आंखों पर पड़ रहा है। सरकारी अस्पतालों में आने वाले आंखों के मरीजों में 40 से 45 प्रतिशत मरीज कंजेक्टिवाइटिस से पीड़ित आ रहे हैं। पहले इस तरह के मरीजों की संख्या 10 प्रतिशत के लगभग चल रही थी।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शामली पर नेत्र परीक्षण अधिकारी रीतू रानी ने बताया कि अस्पताल में रोजाना एक सौ से अधिक मरीज आंखों की जांच के लिए आ रहे हैं। इनमें लगभग आधे मरीज कंजेक्टिवाइटिस के होते हैं। मौसम में बार-बार हो रहे बदलाव की वजह से आंखों में यह समस्या सामने आ रही है। सभी मरीजों की जांच कर दवा उपलब्ध कराई जाती है और उन्हें इस रोग से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
जिला अस्पताल के नेत्र परीक्षण अधिकारी राजकुमार ने बताया कि इस समय आंखों में कंजेक्टिवाइटिस रोग सबसे ज्यादा है। तेज धूप या बारिश में नमी होने से यह समस्या बनती है। जिले का मौसम इसी तरह का चल रहा है, जिससे कंजेक्टिवाइटिस के मरीज बढ़े हैं। बुधवार को ओपीडी में आंखों के करीब 62 मरीजों की जांच की गई, जिनमें लगभग 20 मरीज कंजेक्टिवाइटिस के थे। सभी मरीजों की जांच कर दवा दी गई है। उनका कहना है कि आंखों की देखभाल जरूरी है और कोई भी समस्या हो तो चिकित्सक की सलाह लेकर उपचार कराएं।
- लक्षण
- आंखों में दर्द, जलन या खुजली होना।
- एक या दोनों आंखें लाल या गुलाबी होना।
- असामान्य रूप से आंख से पानी आना।
- आंखों में सूजन आना।
- आंखों में चिपचिपाहट होना।
- बचाव
- आंखों को बार-बार हाथ से न छुए।
- हाथों को समय समय पर धोए।
- अपने रूमाल, तौलिया, तकिया के कवर आदि को साफ रखे।
- आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मा लगाएं।