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घेर में बने तबेले को शूटिंग में बदला

Sun, 22 Apr 2018 11:26 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली
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शामली माजरा रोड यूथ शूटिंग स्पोर्ट्स एकेडमी में निशाना लगातीं दादी चंद्रो और प्रकाशो। - फोटो : अमर उजाला
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शामली के माजरा रोड स्थित यूथ शूटिंग स्पोर्ट्स एकेडमी द्वारा आयोजित 15 दिवसीय शूटिंग समर कैंप रविवार को शुभारंभ हुआ। कैंप का उद्घाटन बागपत के गांव जौहड़ी की निशानेबाज दादी चंद्रो तोमर और प्रकाशो तोमर ने किया। इस दौरान दोनों के कैंप में निशानेबाजी की। बढ़ती उम्र में भी श्रेष्ठ निशानेबाजी देखकर खिलाड़ियों के होश उड़ गए। पत्रकारों से वार्ता करते हुए दादी प्रकाशो तोमर ने बताया कि उनकी की उम्र करीब 75 साल है, जो 10 वर्ष पहले जो हाथ घर का चूल्हा जलाने, खाना पकाने, चारा काटने और गायों को चारा खिलाने के काम आते थे। इन हाथों ने पिस्तौल थामी। निशाना साधने की रुचि देखकर घर के अंदर और बाहर दोनों जगह उनका मजाक उड़ाया जाने लगा। इसके अलावा लोगों ने यहां तक कह दिया, कि बंदूक उठाई है तो कारगिल चली जा। घर और समाज के तमाम तानों के बावजूद दोनों के हौसले कम नहीं हुए। निशानेबाजी सीखने के लिए इन्होंने कड़ी मेहनत की। निर्णय ये रहा कि सिर्फ यूपी ही नहीं बल्कि दूसरे राज्यों में भी शूटिंग में कई गोल्ड मेडल जीते। बात केवल मेडल जीतने की नहीं थी। बल्कि, दोनों ने क्षेत्र की बेटियों के प्रति सोच को भी बदला हैं। प्रकाशो ने अपने गांव की बेटियों को भी शूटिंग चैंपियन बनाने की ठानी है। घेर में बने तबेले को शूटिंग रेंज में बदला और लड़कियों को निशानेबाजी सिखाना चालू किया। दादी प्रकाशो और चंद्रो पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गांवों की बेटियों के लिए न केवल प्रेरणा बनीं बल्कि बेटियों को बाहरी दुनिया में निकलने के लिए हिम्मत भी बनीं है। प्रकाशो की बेटी सीमा और पोती रूबी इंटरनेशनल शूटर हैं। सीमा एशियाई शूटिंग चैंपियनशिप में गोल्ड और सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं। मौके पर कोच गौरव मलिक, अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी दिव्य विजय मलिक, संदीप मलिक, सुभाष बालियान, नरेश कुमार आदि मौजूद रहे।
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