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Shamli News: बारिश के मौसम में गोभी की फसल रोग की चपेट में

Mon, 09 Sep 2024 01:48 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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जलालाबाद में गोभी की फसल  ।
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शामली। फूलगोभी और बंद गोभी की फसल की खेती करने वाले किसानों के लिए यह खबर जरूरी है। फूलगोभी और बंदगोभी की फसल में हानिकारक कीट जैसे हीरक पृष्ठ शलभ (हरी सुंडी), तंबाकू की इल्ली (कमला कीट), तना भेदक तथा चेपा रोग लगना शुरू हो गया। कीटों से बचाव की सलाह कृषि वैज्ञानिक किसानों को दे रहे हैं।
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जिले में 50 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में किसानों ने फूल और बंद गोभी की खेती की हुई है। कृषि विज्ञान केंद्र शामली के प्रभारी डाॅ. संदीप चौधरी और पादक सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ. अजय कुमार ने बताया कि जिले में फूलगोभी तथा बंद गोभी की खेती बड़े स्तर पर की जा रही है। अब बंदगोभी तथा फूलगोभी की फसल में किसानों को हानिकारक कीटों तथा बीमारियों के कारण बहुत बड़े स्तर पर हानि उठानी पड़ती है। फसल में लगने वाले इन कीटों एवं बीमारियों का समय से प्रबंधन होना जरूरी है।
खाद एवं उर्वरक
पत्ता गोभी की फसल एक हेक्टेयर खेत में 110 किलो नाइट्रोजन, 28 किलो फास्फोरस तथा 110 किलो पोटाश लेती है। पत्ता गोभी के लिए 200 क्विंटल गोबर की सड़ी हुई खाद का कम्पोस्ट, 150 किलो नाइट्रोजन, 100 किलो फास्फोरस तथा 40 किलो पोटाश प्रति हेक्टेयर आवश्यक है। नाइट्रोजन को तीन भागों में बांटकर रोपण के समय, 15 दिन बाद तथा 45 दिन बाद देना चाहिए।
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सिंचाई - सामान्य तौर पर 10 से 15 दिन के अंतर से सुबह-शाम सिंचाई करें।

बंदगोभी/फूलगोभी की फसल में समेकित नाशीजीव प्रबंधन

डॉ. अजय कुमार के अनुसार बरसाती मौसम में पेंटिड बग एवं पछेती रबी मौसम में चेपा से बचाव के लिए इमिडाक्लोप्रिड 70 डब्ल्यूएस से 5 ग्राम प्रति किग्रा की दर से बीज उपचार करें। यदि फसल में 1 लार्वा/पत्ती की दर से हीरक पृष्ठ शलभ उपस्थित हो तो 3 ग्राम प्रति ली की दर से बेसिलस थ्रूजायनसिस का छिड़काव करें। मृदुरोमिल फफूंद के लिए 2.5 ग्राम प्रति लीटर जल की दर से मेन्कोजेंब 75 डब्ल्यूपी या मेटालेक्सिल, मेन्कोजेंब 35 एससी का छिड़काव करें। कभी-कभी बरसात के मौसम में नर्सरी में दिखाई देने वाले तना छेदक की रोकथाम के लिए एनएसकेई 5 प्रतिशत या कार्बेरिल 50 डब्ल्यूपी का 1600 ग्रा प्रति हे की दर से छिड़काव करें।

नई फसल लगाने वाले किसान यह भी करें

: रोगों के फैलाव को कम करने के लिए पंक्ति से पंक्ति व पौधे से पौधे की दूरी 60 45 सेंमी रखें।

:: तना बेधक के लिए एनएसकेई 5 प्रतिशत या कार्बेरिल 50 डब्ल्यूपी का 1000 ग्राम अथवा मलाथीयोन 50 ईसी का 1500 मिली प्रति हे की दर से 1000 लीटर पानी के साथ छिड़काव करें।

: फूलगोभी की पछेती फसल में चेपा के नियंत्रण के लिए 75 ग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से एसिटामाईप्रिड 20 ईसी या डायमिथयोएट 30 ईसी का 650 मिली प्रति हे की दर से 500-1000 लीटर पानी के साथ छिड़काव करें।
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: पंखदार चेपा को फसाने के लिए खेत में पीले चिपचिपे ट्रैप लगाएं।

: पेंटिड बग के नियंत्रण के लिए आवश्यकतानुसार डाइमिथोएट 30 ईसी का 660 मिली प्रति हे की दर से छिड़काव करें।
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