शामली। जिले की प्राइवेट बसों के मेरठ में आयोजित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में जाने के चलते यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पूरे दिन सवारियां बस स्टैंड पर खड़ी नजर आईं। बसों की कमी के चलते यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचे के लिए ट्रेनों और डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ा।
जिले में मुजफ्फरनगर-शामली-कैराना, शामली-गंगोह, शामली-भौंराकला, सिसौली मार्ग, शामली-बुढ़ाना मार्ग, शामली-ऊन, चौसाना, बिड़ौली मार्ग, मुजफ्फरनगर-चरथावल-थानाभवन, शामली-लोनी, कांधला-इस्सोपुर टील मार्ग पर चलने वाली करीब 150 प्राइवेट बसें मेरठ रैली में गई थीं। ग्रामीण क्षेत्र के मार्गों पर प्राइवेट बसों का ज्यादा संचालन होता है, जिससे लोग आवागमन करते हैं। शहर के प्राइवेट बस अड्डे पर बसें न होने के चलते यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के अजंता चौक, गुरुद्वारा, शामली रेलपार बाईपास आदि स्थानों पर सवारियां बसों के इंतजार में खड़ी रहीं। हरियाणा-यूपी रोडवेज की बसों के आने पर यात्री मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, लोनी, दिल्ली व मेरठ की ओर रवाना हुए।
इन रूट की गई बसें
लोनी मार्ग बस यूनियन के अध्यक्ष सुरेश राणा ने बताया कि शामली-लोनी मार्ग, बागपत और शामली जिले की 48 मिनी बसें रैली में गईं। मुजफ्फरनगर प्राइवेट बस यूनियन के अध्यक्ष योगेंद्र सिह ने बताया कि मुजफ्फरनगर- शामली-कैराना जमना ब्रिज, शामली-ऊन-चौसाना, बिड़ौली मार्ग, शामली- भौंराकलां-सिसौली, शामली-गंगोह, शामली-बुढ़ाना मार्ग की 85 प्राइवेट बसें रैली में जाने से पूरे दिन डगामार वाहनाें और यूपी रोडवेज की बसों पर सवारियों को निर्भर रहना पड़ा।
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कोट:
एआरटीओ रोहित राजपूत ने बताया कि प्रधानमंत्री की मेरठ रैली में जिले से करीब 135 प्राइवेट बसें गई हैं। उधर, शामली रोडवेज बस स्टेशन के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि रविवार को अन्य दिनों के मुकाबले निगम की बसों में यात्रियों की अच्छी खासी भीड़ रही है।
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ये बोले यात्री
कस्बा झिंझाना निवासी रूदल ने बताया कि वह करीब एक घंटे बस अड्डे पर खड़ा रहा, लेकिन कोई बस नहीं मिली। मजबूरी में किसी डग्गामार वाहन से ही जान पड़ेगा।
कांधला निवासी विकास ने बताया कि वह दिल्ली अड्डे पर बस का इंतजार कर रहा है। प्राइवेट मिनी बसें तो मिली नहीं। रोडवेज की जो बस आती, वह फुल हो जाती है। किसी तरह कांधला जाना पड़ेगा।
गांव पंजोखरा निवासी राजेंद्र ने बताया वह करीब डेढ़ घंटे से दिल्ली बस अड्डे पर खड़ा है। रोडवेज की बस में गांव की सवारी को नहीं बैठने दिया जा रहा है। मिनी बस मिल नहीं रही। अब उसे किसी डग्गामार वाहन से ही जाना पड़ेगा।