भनेड़ा जट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करते सीएमआे।
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शामली में स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर सफाई और रंगाई पुताई का कार्य कागजों तक ही सिमटा हुआ है। सीएमओ ने टीम के साथ स्वास्थ्य उपकेंद्रों का निरीक्षण किया तो सच्चाई सामने आई। कुड़ाना क्षेत्र के छह स्वास्थ्य उपकेंद्रों की जांच में इसका खुलासा होने पर सीएमओ ने खर्च हुई धनराशि का सत्यापन कराने का निर्देश दिया है।
सीएमओ डाक्टर राजकुमार सिंह ने शुक्रवार को कुड़ाना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत छह स्वास्थ्य उपकेंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण में स्वास्थ्य उपकेंद्रों की हालत बदतर मिली। किसी उपकेंद्र के दरवाजे उखड़े पड़े थे तो कहीं कूड़े के ढेर लगे मिले। किसी की दीवार टूटी हुई मिली तो कहीं दरवाजे मिले ही नहीं। रंगाई-पुताई भी नहीं कराई जा रही है। सीएमओ ने उपकेंद्रों पर खर्च की गई धनराशि की स्थिति जानी तो पता चला कि स्वास्थ्य उपकेंद्र बुटराड़ा में छह हजार, कुरमाली में पांच हजार, गोहरपुर में सात हजार, सोंटा में दस हजार और चूनसा में आठ हजार खर्च किए गए। सीएमओ ने निर्देश दिया कि स्वास्थ्य उपकेंद्रों को मिली धनराशि के खर्च का सत्यापन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सत्यापन में यदि अनियमितता पाई गई तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी। इस दौरान एसीएमओ डाक्टर नेतराम, एसीएमओ डाक्टर सुशील, डीपीएम आशुतोष श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
बाहर की तीन दिवारों की कराई रंगाई-पुताई
गांव भनेड़ा के कासमपुर स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र का निरीक्षण करने जब टीम पहुंची तो वहां अच्छी रंगाई-पुताई मिली। टीम ने उपकेंद्र खुलवाया तो उसके अंदर हालत खराब मिले। सामने से दिखने वाली तीन दीवारों की रंगाई-पुताई दिखाने के लिए की गई है, जबकि उपकेंद्र की चौथी दीवार और अंदर की पुताई नहीं कराई।
ये मिलता है बजट
स्वास्थ्य उपकेंद्र की टूट-फूट और रंगाई-पुताई, और मरम्मत के लिए शासन की ओर से दस हजार रुपये दिए जाते हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु रखने के लिये दस हजार रुपये और दिए जाते है, जिनसे स्वास्थ्य उपकरण इमरजेंसी में दवाईयां, वजन मशीन आदि खरीदी जा सकती है। उपकेंद्र पर सफाई झाडू-पोछा के लिए छह हजार रुपये सालाना दिए जाते है।
16 गांवों को मुजफ्फरनगर से ही चिकित्सा सेवा दिलाने का प्रस्ताव
शामली में जनपद मुजफ्फरनगर के 16 गांव शामली जिले के कांधला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़े हैं। स्वास्थ्य विभाग में संसाधनों की कमी के कारण इन गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में दिक्कत आ रही हैं। इसके चलते जिलाधिकारी ने मंडलायुक्त सहारनपुर को पत्र भेजकर इन 16 गांवों को मुजफ्फरनगर के अस्पतालों से ही आच्छादित कराने का प्रस्ताव भेजा है।
जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि गांव खरड़, अमनपुरा, गढ़मलपुर, करौदा महाजन, खेड़ा मस्तान, फुगाना, डूंगर, आजादपुर, राजपुर छाजपुर, बिराल, कमरुद्दीननगर, दुर्गनपुर, हरियाखेड़ा, खिरजपुर तथा सरनावली को चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की सेवाएं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फुगाना, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राजपुर छाजपुर और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लिसाढ़ से दी जा रही है। इन तीनों प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कांधला से आच्छादित किया जा रहा है। चिकित्सक और स्टाफ की तैनाती शामली जिले से ही हो रही है। शामली जनपद का सृजन 2011 में हुआ था, लेकिन जिले में अधिकारियों, चिकित्सकों और स्टाफ के साथ अन्य संसाधनों का अभाव है। इस कारण इन 16 गांवों में चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की सेवाएं मुजफ्फरनगर जिले से ही दिलाई जानी उचित होगी। इस लिए इन गांवों को मुजफ्फरनगर से जोड़ने के संबंध में प्रस्ताव भिजवाया गया है।