शामली। मेरठ- करनाल हाईवे के टपराना- शामली बाईपास चालू करने के लिए जिला प्रशासन के पसीने छूट रहे हैं। कारण एक साल से तीन हाईवे के चौराहों पर उपरिगामी पुल, गोल चक्कर के लिए बजट नहीं मिला है। इससे हादसों की आशंका अधिक है।
मेरठ- करनाल हाईवे के टपराना- शामली बाईपास का निर्माण पूरा किया जा चुका है, मगर उपरिगामी पुल, गोल चक्कर के लिए बजट नहीं मिला है। जिसके कारण बाईपास को चालू नहीं कराया जा रहा है। जिला मुख्यालय पर बलवा, शामली तहसील, गोहरनी और बधेव में हाईवे और बाईपास के चौराहों पर उपरिगामी पुल और गोल चक्कर नहीं होने से चौराहों से चौराहे आपस में जुड़ रहे हैं। दिल्ली-शामली, सहारनपुर हाईवे के बलवा चौराहे को जोड़ने वाले पानीपत खटीमा का बाईपास, पानीपत- खटीमा हाईवे और दिल्ली- शामली, सहारनपुर हाईवे को जोड़ने वाले शामली तहसील का चौराहा, शामली भैंसवाल रोड पर गोहरनी और शामली- गढ़ीपुख्ता रोड पर बधेव चौराहों पर उपरिगामी पुल और गोल चक्कर नहीं बनाए गए हैं।
पिछले साल दिसंबर माह में बलवा चौराहों को जोड़ने वाले पानीपत-खटीमा हाईवे के बाईपास पर यूपी रोडवेज की बस और इको कार की आमने और सामने की टक्कर हो गई। थी। हादसे में एक महिला की मौत और छह सवाारियों के घायल हो जाने के बाद मामला लखनऊ और दिल्ली तक गूंजा था। पिछले एक साल से केंद्रीय परिवहन मंत्रालय से दिल्ली से शामली जिले के हाईवे और बाईपास के चौराहों की कार्ययोजना की धनराशि स्वीकृति नहीं हुई है। जिसके कारण बाईपास शुरू होने में अड़चनें आ रही हैं। जिले के हाईवे और बाईपास के चौराहों पर गोलचक्कर और उपरिगामी पुल की मांग कर धरना दिया गया था।
बोले सांसद...
कैराना सांसद प्रदीप चौधरी का कहना है कि वह केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मिलकर शामली जिले के हाईवे और बाईपास के चौराहों पर गोलचक्कर और उपरिगामी पुल बनाने के लिए मांग करेंगे।