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Shamli News: बीटीसी प्रशिक्षु करेंगे ऑपरेशन कायाकल्प की जियो टैगिंग

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- सरकारी स्कूलों में ऑपरेशन कायाकल्प के तहत हुए कार्यों की होनी है जियो टैगिंग
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- बीटीसी प्रशिक्षुओं को सौंपी जाएगी जिम्मेदारी, सर्वेक्षण के लिए दिया जाएगा प्रशिक्षण
- प्रेरणा एप के माध्यम से किया जाएगा सर्वेक्षण, स्कूलों का किया जा रहा कायाकल्प
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। सरकारी स्कूलों में ऑपरेशन कायाकल्प के तहत जो कार्य हुए हैं उनकी जियो टैगिंग होनी है और इसके लिए बीटीसी प्रशिक्षुओं को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। बीटीसी प्रशिक्षु प्रेरणा एप के माध्यम से जियो टैगिंग सर्वेक्षण करेंगे। इसके लिए उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि प्रशिक्षु विद्यालयों में हुए कायाकल्प की पूरी रिपोर्ट जियो टैगिंग के माध्यम से दर्ज कर सकें।
जनपद में 596 परिषदीय विद्यालय है और इनमें 212 उच्च प्राथमिक, 120 कंपोजिट, 384 परिषदीय विद्यालय है। सभी विद्यालयों में ऑपरेशन कायाकल्प के तहत 19 पैरामीटर पर निर्माण कार्य कराया गया है। शासन की तरफ से ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के परिषदीय स्कूलों में अवस्थापना सुविधाएं बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए प्रेरणा एप के माध्यम से जियो टैगिंग सर्वेक्षण होना है। शासन की तरफ से अब जियो टैगिंग की जिम्मेदारी डायट के प्रशिक्षुओं को दी गई है।
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ऑपरेशन कायाकल्प के तहत परिषदीय विद्यालयों में जाकर ऑपरेशन कायाकल्प का जियो टैगिंग करेंगे। जियो टैगिंग के बाद ऑनलाइन माध्यम से ही शासन को इसकी रिपोर्ट मिल जाएगी। अभी इन 19 अवस्थापना बिंदुओं में से कितनी सुविधाएं विद्यालय को प्राप्त हो चुकी हैं। इसकी जानकारी के लिए बीटीसी प्रशिक्षु को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इन अवस्थापना बिंदुओं को संतृप्त करने डायट से बीटीसी प्रशिक्षु को विद्यालयों दिया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर विद्यालय में कराए गए कार्यों के अलावा वहां उपलब्ध संसाधनों की जानकारी भी मिल जाएगी, जिससे विद्यालय में पठन-पाठन बेहतर करने के लिए उपलब्ध कराए जाने वाले अन्य संसाधनों के बारे में सटीक जानकारी हो सकेगी।
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बीएसए कोमल ने कहा कि डायट के बीटीसी प्रशिक्षु कायाकल्प कार्यों की जियो टैगिंग करेंगे और उन्हें जल्द ही डायट प्राचार्य द्वारा विद्यालय आवंटित कर दिए जाएंगे। विद्यालय आवंटित होने के बाद कार्य शुरू किया जाएगा। शिक्षक भी उनको पूरा सहयोग करेंगे।
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