शामली क्षेत्र के गांव कुडाना में अपनी बहन विनिता के साथ बैठा विनित
शामली। भाई-बहन का रिश्ता अटूट होता है। रक्षाबंधन पर बहन भाई के हाथों पर राखी बांधकर रक्षा का वचन लेती है। क्षेत्र के कुड़ाना गांव का भाई विनीत बहन विनीता को किड़नी देकर उसकी जान बचाएगा। जिसकी तैयारी कर ली है।
गांव कुड़ाना में बिजेंद्र की पुत्री विनिता को लगभग चार वर्ष पहले टायफाइड बुखार आया था। बुखार आने पर उसे परिवार के लोगों ने काफी जगह डाक्टरों को दिखाया। उसका बुखार कभी ठीक हो जाता तो कभी बुखार आने लगता। बाद में दिल्ली के डाॅक्टर राजेंद्र प्रसाद माथुर को दिखाने के बाद तीन वर्ष पहले पता चला कि उसकी दोनों किडनी फेल हो गई और उसे बचाने का एक मात्र उपाय किडनी प्रत्यारोपण है। विनिता तीन भाइयों की इकलौती बहन है। विनिता ने 24 वर्ष की आयु में ही एमए और बीटीसी की पढ़ाई पूरी कर रखी है। अब हर हफ्ते डायलिसिस में भी काफी खर्च होने लगा। जिसके बाद उसके दूसरे नंबर के भाई विनीत ने अपनी एक किडनी देने का फैसला लिया। विनीत प्राइवेट नौकरी करता है। बड़े भाई विनय ने बताया कि वह तीन वर्ष से किडनी प्रत्यारोपण कराने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन एक माह पहले ही 20 अगस्त की डेट मिली है। इस बार रक्षाबंधन भी 19 अगस्त का है। ऐसे समय पर एक बहन के लिए जीवनदान से अच्छा उपहार क्या होगा। विनय ने बताया कि 20 अगस्त को दिल्ली आईएलबीएस अस्पताल में डाॅक्टर अभियुथान सिंह किडनी प्रत्यारोपण करेंगे। संवाद
हर किसी को मिले ऐसा भाई
विनिता का कहना है कि हर किसी को विनीत जैसा भाई मिलना चाहिए। उसने जीने की आस ही छोड़ दी थी। अब भाई 20 को किडनी देगा। विनीत का कहना है कि बहन को किड़नी देकर जान बचाने से बड़ा कोई नेक कार्य नहीं हो सकता। वैसे भी बहन की रक्षा का वचन हर बार रक्षा बंधन पर लिया जाता है, जो इसबार पूरा होगा।