शामली में शनिवार रात करीब 8.30 बजे सांसद हुकुम सिंह के निधन की सूचना मिलते ही लोग रो पड़े। कंडेला, शेखुपुरा, हिंगोखेडी, जगनपुर, भूरा, खंदरावली, तितरवाडा, ऊंचागांव, पंजोखरा, डूढार, सहपत, पंजोखरा, पावटी, पठेड़, पंजीठ, खुरगान, मवी मामौर, रामड़ा, खेड़ा कुर्तान, इस्सोपुर टील और मन्ना माजरा सहित अन्य गावों के लोग कैराना स्थित कलस्यान चौपाल पर पहुंचने लगे थे। कोई ट्रैक्टर ट्राली से आ रहा था, तो कोई अपने दुपहिया वाहन से। सर्दी के कारण सिर पर चादर लिपटी थीं, लेकिन चेहरे पर गम छाया हुआ था।
सांसद हुकुम सिंह के निधन की सूचना प्रसारित होने के बाद व्हाटस ग्रुपों और फेसबुक आदि सोशल मीडिया पर भी दुख जताने वाले वालों की लंबी फेहरिस्त हो गई। उधर, कैराना के व्यापारियों ने रविवार को बाजार बंद रखने का निर्णय किया। कैराना व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय सिंह राजपूत ने बताया कि सांसद हुुकुम सिंह के निधन से व्यापारी वर्ग आहत है। सभी व्यापारी अपने प्रतिष्ठान बंद रखेंगे और बाबूजी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
मायापुर फार्म आने की जिद कर रहे थे सांसद
15 जनवरी को सांसद हुकुम सिंह को नोएडा स्थित जेपी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद उनकी सेहत स्थिर बन गई थी और वेंटिलेटर पर रखा गया था। बाद में जब उनकी सेहत में हल्का सुधार हुआ, तो वह अपने परिवार के सदस्यों से कैराना स्थित मायापुर फार्म आने की जिद भी करने लगे थे। वहीं, सोशल मीडिया पर उनकी सेहत बिगड़ने की खबरें प्रकाशित होने के बाद एक दिन पूर्व ही उनके पौत्र अनुज चौहान ने व्हाट्सएप ग्रुपों पर सूचना डाली थी कि बाबूजी की सेहत में सुधार हो रहा है, किसी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें, लेकिन शनिवार को सांसद हुकुम
सिंह ने अंतिम सांस ली, तो हर वर्ग आहत हो गया।
- बेटी से पूछा था कैसा रहा आम बजट
सांसद हुकुम सिंह ने नोएडा स्थित अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान भी एक फरवरी को अपनी बेटी मृगांका सिंह से पूछा कि आम बजट कैसा रहा। उनके एक
परिचित ने बताया कि अस्पताल के बेड पर भर्ती होने के बावजूद सांसद द्वारा आम बजट के बारे में पूछना उनकी जीवटता को प्रकट करता था।
हर वर्ग ने जताया दुख
-- गन्ना विकास राज्यमंत्री सुरेश राणा ने कहा कि सांसद हुकुम सिंह से उन्होंने राजनीति में बहुत कुछ सीखा। वह हमेशा ही पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट करने का मंत्र देते थे। उनके निधन से पार्टी को गहरा आघात लगा है।
-- विधायक तेजेंद्र निर्वाल का कहना है कि शुक्रवार को ही उनसे मिलने नोएडा स्थित अस्पताल गया था। शुक्रवार रात जैसे ही सूचना मिली तो स्तब्ध रह गया। वह राजनीतिक व्यक्ति न होकर बल्कि एक स्तंभ थे। उनके जाने से गहरा आघात लगा है। उनकी क्षतिपूर्ति होना मुश्किल है।
-- पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल का कहना है कि बाबू हुकुम सिंह के निधन से शामली जिले को बड़ी क्षति पहुंची है। उनके जैसा व्यक्तित्व मुश्किल से मिलता है, जो क्षेत्र के लिए हमेशा चिंतित रहते थे।
-- जिला पंचायत अध्यक्ष के पति प्रसन्न चौधरी ने कहा कि सांसद हुकुम सिंह के निधन की सूचना मिलने से बेहद दुख हुआ। पार्टी का एक स्तंभ हमसे दूर चला गया। वह हमेशा कार्यकर्ताओं को जनता के बीच रहकर निष्ठा और सच्चाई के साथ कार्य करने का संदेश देते थे।
-- पूर्व चेयरमैन अरविंद संगल का कहना है कि सांसद हुकुम सिंह ने जिले में ही नहीं, बल्कि प्रदेश में पार्टी को मजबूत करने में अपना अहम योगदान दिया, जिसे पार्टी कभी भूल नहीं सकेगी। उनके निधन से गहरा दुख हुआ।
व्यापारी ब्रजभूषण संगल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष घनश्यामदास गर्ग का कहना है कि सांसद हुकुम सिंह ने शामली जिले को विकास के रूप में अनेक सौगात दीं। सीएनजी की ट्रेन के संचालन से लेकर तमाम कार्य किए, जो हमेशा याद किए जाएंगे। उनके निधन से व्यापारी वर्ग भी आहत है।
-- कैराना नगर पालिका के चेयरमैन हाजी अनवर हसन का कहना है कि सांसद हुकुम सिंह का निधन कैराना क्षेत्र के लिए अपूर्णनीय क्षति है, जिसकी भरपाई होना बहुत मुश्किल है। हर वर्ग का व्यक्ति उनसे लगाव रखता था।
-- कलस्यान खाप के चौधरी रामपाल सिंह का कहना है कि सांसद हुकुम सिंह ने हमेशा समाज के हित मेें कार्य किए, क्षेत्र के विकास को तरजीह दी। उनके निधन से सर्वसमाज के लोग आहत हैं। हमारे बीच से ऐसी हस्ती चली गई, जो हरदम दुख सुख में साथ रहते थे।