शामली। आगामी फरवरी माह में संभावित बोर्ड परीक्षा की तैयारी शुरू हो गई है। केंद्र निर्धारण के लिए लगभग 100 विद्यालयों ने आवेदन किया है। डीएम की संस्तुति पर तीनों तहसीलों में इसके लिए टीम भी गठित की गई है। परीक्षा केंद्र निर्धारण नीति में इस बार विद्यालयों की मेरिट बनाई जाएगी। जो विद्यालय अव्वल आएंगे, उन्हें वरीयता दी जाएगी। जिला स्तर और प्रदेश स्तर जो विद्यार्थी टॉप-10 मेरिट में आए हैं। ऐसे स्कूलों को भी अंक मिलेंगे।
जनपद में 111 राजकीय माध्यमिक विद्यालय संचालित है। जिसमें 21 राजकीय, 30 एडेड और 60 सहायता प्राप्त इंटर कॉलेज संचालित है। माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव ने जो गाइडलाइन जारी की है। इसमें आधारभूत सुविधाओं के अलग-अलग अंक निर्धारित किए गए हैं। इसमें इंटरमीडिएट स्तर के स्कूल को 20 अंक, हाईस्कूल स्तर के विद्यालय को 10 अंक, राजकीय माध्यमिक स्कूल को 50 अंक, अशासकीय सहायता प्राप्त स्कूल को 40 अंक और स्ववित्त पोषित माध्यमिक स्कूल को 20 अंक मिलेंगे। प्रति शिक्षण कक्ष का पांच अंक है। इसमें वह कमरे शामिल हैं, जिनका उपयोग परीक्षा कक्ष के लिए किया जाएगा। अगर एक ही परिसर में एक प्रबंधक ने किसी अन्य बोर्ड से भी मान्यता ली है तो उसे इसमें शामिल नहीं किया जाएगा।
सीसीटीवी कैमरे लगे होने पर 10 अंक, वर्ष 2024 में परीक्षा केंद्र होने पर 20 अंक, पिछले साल हाईस्कूल उत्तीर्ण प्रतिशत 90 या उससे अधिक होने पर 10 अंक, 2024 में ही इंटरमीडिएट का परीक्षाफल 90 या इससे अधिक है तो 10 अंक, स्मार्ट कक्षा संचालित होने पर 10 अंक अतिरिक्त मिलेंगे।
पिछले साल हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में जिला स्तरीय टॉप-10 छात्र-छात्राओं की सूची में स्थान लाने पर 10 अंक और राज्य स्तरीय टॉप-10 विद्यार्थियों की सूची में स्थान लाने पर विद्यालय को 20 अंक मिलेंगे।
डीआईओएस जेएस शाक्य ने बताया कि शासनादेश के अनुसार इस बार परीक्षा केंद्रों का निर्धारण किया जाएगा। अभी डीएम की गठित टीम स्कूलों का सत्यापन कर रही है। अबकी बार हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में करीब 23 हजार 500 विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे।