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भाकियू कार्यकर्ताओं ने किया कलक्ट्रेट का घेराव

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शामली कलक्ट्रेट में डीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे भाकियू कार्यकर्ताओं को समझाते एसडीएम विश - फोटो : SHAMLI
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संवाद न्यूज एजेंसी
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शामली। भाकियू कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कलक्ट्रेट का घेराव कर बकाया गन्ना मूल्य भुगतान समेत कई समस्याओं के निस्तारण की मांग की। किसानों के हंगामे के चलते अधिकारियों ने गन्ना विभाग और विद्युत निगम के अधिकारियों को मौके पर बुला लिया। उनके आश्वासन पर भाकियू कार्यकर्ता शांत हुए और शाम करीब पांच बजे धरना समाप्त हुआ।
भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मैनपाल चौहान के नेतृत्व में संगठन के कार्यकर्ता ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर कलक्ट्रेट पहुंचे। डीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। इस दौरान उन्होंने जमकर नारेबाजी की। किसानों ने कहा कि भाजपा सरकार ने 14 दिन में किसानों का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान दिलाने का वादा किया था। पेराई सत्र समाप्ति के बाद भी बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं दिलाया गया। चीनी मिलों से बकाया भुगतान जल्द से कराया जाए। प्रदेश में किसानों को सिंचाई के लिए नलकूपों पर मीटर लगवाने की प्रक्रिया चल रही है, उसे तत्काल बंद कराया जाए। मीटर के आधार पर किसान बिजली का बिल नहीं दे सकता, क्योंकि खेती की लागत दिनोंदिन बढ़ रही है। वहीं, आय में इजाफा नहीं हो रहा।
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उन्होंने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली व्यवस्था कराई जाए। एमएसपी पर कानून बनाने और फसल खरीद गारंटी कानून बनाया जाए। गरीब किसानों और मजदूरों के बिजली बकाया पर कनेक्शन न काटे जाएं। प्रदेश के किसान आर्थिक संकट में फंसे हैं। कर्ज के बोझ में दबे हैं किसानों का पूर्ण कर्ज माफ किया जाए। किसान क्रेडिट कार्ड की अवधि पांच वर्ष तक बढ़ा दी जाए। बेसहारा पशुओं ने किसानों की फसलें तहस-नहस कर दी हैं। किसानों को इनसे निजात दिलाई जाए। एसडीएम विशु राजा किसानों के बीच पहुंचे और मौके पर डीसीओ व विद्युत निगम के अधिकारियों को बुला लिया।
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इस पर डीसीओ ने मिल अफसरों को तलब कर लिया। इस दौरान शामली मिल के अधिकारियों ने अगस्त में 27, थानाभवन मिल ने 35 करोड़ व ऊन मिल ने 42 करोड़ का बकाया भुगतान का आश्वासन दिया। विद्युत निगम के अधिकारियों ने किसानों की सहमति के बिना पुराने नलकूपों पर मीटर न लगाने की बात कही। साथ ही अन्य समस्याओं के निस्तारण का भी आश्वासन दिया। जिसके बाद धरना समाप्त हुआ। धरने की अध्यक्षता रामपाल ने की तथा संचालन संजीव राठी व अजय पिंडौरा ने किया। यहां राजपाल प्रधान, ईश्वर प्रधान शेखुपुरा, रामपाल चौहान, राजवीर, शिवकुमार प्रधान, राजन जावला, विनोद, साधुराम, श्याम सिंह, रवींद्र राणा आदि मौजूद रहे।
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