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Shamli News: भाकियू कार्यकर्ताओं ने पानीपत-खटीमा और मेरठ करनाल हाईवे पर दिया धरना

Sat, 17 Feb 2024 01:59 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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शामली कलेक्ट्रेट के सामने हाइवे धरने पर बैठे भाकियू कार्यक्रताओ को सम्बो​धित करते वक्ता
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शामली/झिंझाना। जिले में ग्रामीण भारत बंद का मिलाजुला असर रहा। किसानों और अन्य संगठनों के भारत बंद के आह्वान पर जिले में पानीपत-खटीमा हाईवे पर शामली तहसील के सामने और झिंझाना में मेरठ-करनाल हाईवे पर भाकियू कार्यकर्ताओं ने धरना दिया। एमएसपी पर गारंटी समेत विभिन्न मांगों को पूरा नहीं करने पर रोष जताया। कहा कि यदि पंजाब और हरियाणा के किसानों को दिल्ली जाने से रोका गया तो जिले के किसान भी राजधानी की तरफ कूच करेंगे। शामली और झिंझाना में किसानों के धरने और चक्का जाम के कारण पुलिस ने रूट डायवर्ट किया, जिसके कारण वाहन चालकों को करीब एक किलोमीटर तक घूमकर जाने को मजबूर होना पड़ा। उधर, शुगर मिल ओर कोल्हुओं में भी किसान कम संख्या में गन्ना लेकर पहुंचे। मंडी में फलों की आपूर्ति भी प्रभावित रही। जिले में बाजार सामान्य रूप से खुले रहे। रेल और बस यातायात व्यवस्था पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।
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शामली तहसील के सामने भाकियू जिलाध्यक्ष कालिंदर मलिक के नेतृत्व में भाकियू कार्यकर्ताओं ने सुबह 11 बजे ही धरना शुरू कर दिया था। किसान ट्रैक्टर और ट्राॅलियों में सवार होकर पहुंचे और पानीपत-खटीमा मार्ग पर ही धरना देकर बैठ गए। सरकार के खिलाफ भी किसानों ने खूब नारेबाजी की। इस दौरान भाकियू जिलाध्यक्ष कालिंदर मलिक ने कहा कि किसानों ने दिल्ली में 13 माह का धरना दिया था। सरकार ने वायदा किया था कि जल्द ही किसानों की मांगे पूरी हो जाएगी। मगर एमएसपी पर गारंटी समेत अन्य मांगों को पूरा नहीं किया गया। न ही गन्ने का दाम उचित ढंग से बढ़ाया गया। सरकार वादाखिलाफी करती है। अब पंजाब से दिल्ली जा रहे किसानों को रोका जा रहा है। कहा कि यदि सरकार ने किसानों को रोकने का प्रयास किया तो जिले के किसान भी दिल्ली कूच करेंगे।
17 फरवरी को सिसौली में किसानों की महापंचायत है, उसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। अध्यक्षता कर रहे बाबा श्याम सिंह ने कहा कि किसानों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसानों ने यहां तीन घंटे तक धरना दिया। दो बजे धरना समाप्त किया गया। धरना देने वालों में रविंद्र राणा, बाबा रविंद्र, चौधरी चरण सिंह, स त्यपाल पहलवान, ऋषिपाल नंबरदार, गौतम पंवार, मांगेराम , ईश्वर फौजी, विजयवीर त्यागी, जयवीर मुखिया, उपेंद्र मलिक, धर्मेंद्र मलिक, दीपक मलिक, राहुल मलिक, अभिषेक मलिक आदि शामिल रहे।
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उधर, मेरठ करनाल हाईवे के गाड़ीवाला चौराहे पर भाकियू पश्चिम उत्तर प्रदेश के महासचिव कपिल खाटियान के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्वक धरना दिया गया। धरना तीन घंटे तक चला। जिसमें किसानों ने ऊन एसडीएम संदीप कुमार त्रिपाठी को आठ सूत्रीय ज्ञापन राष्ट्रपति के नाम देकर धरना समाप्त किया। अध्यक्षता बत्तीसा खाप के चौधरी सोकिंन्द्र सिंह ने की तथा संचालन चौधरी गय्यूर ने किया। इस दौरान सरकार से पिछले किसान आंदोलन में बॉर्डर पर शहीद हुए किसानों के परिवार को मुआवजा देने। एमएसपी पर समिति की रिपोर्ट लेकर तत्काल सभी फसलों की एमएसपी की गारंटी का कानून को लागू किया जाए। ज्ञापन में डाॅ. स्वामीनाथन आयोग के हिसाब से फसलों की कीमत तय हो। किसानों को बिजली फ्री दी जाए। कहा कि यदि जल्द ही मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
धरने में कपिल खाटियान , संता प्रधान, ब्रह्मपाल नाला, देशपाल, पंकज, मेहरदीन ब्लॉक अध्यक्ष कैराना, गय्यूर हसन, पुष्कर सैनी, गुड्डू, एजाज खान, फुरकान, शेर सिंह, ब्रह्मपाल, पप्पू, सरदार साहब सिंह आदि सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।


रूट करना पड़ा डायवर्ट, वाहन चालक रहे परेशान
झिंझाना में धरने के कारण वाहनों को लगभग दो किलोमीटर आगे के कट से होकर निकलना पड़ा। वहीं पुलिस ने पास के होटलों को भी बंद कर दिया। शामली में तहसील से पहले ही वाहनों को रुकवा दिया गया। रूट डायवर्ट करते हुए उन्हें सर्विस रोड से निकलवाया गया। इस दौरान वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
गन्ना आपूर्ति भी हुई प्रभावित
थानाभवन शुगर मिल में किसानों के आंदोलन के कारण गन्ना आपूर्ति भी प्रभावित हुई। गन्ना महाप्रबंधक लेखराज ने बताया कि हर रोज करीब 8200 क्विंटल गन्ने की पेराई होती थी। शुक्रवार को 7700 क्विंटल गन्ना आया। इसके अलावा शामली कोल्हू संचालक सुनील ने बताया कि नाममात्र किसान ही गन्ना लेकर पहुंचे। जबकि हर रोज 20 से 25 किसान गन्ना लेकर पहुंचते थे। हालांकि, शामली और ऊन शुगर मिल में गन्ना आपूर्ति प्रभावित नहीं हुई। पहले की तरह ही किसान गन्ना लेकर पहुंचे।

उद्यमियों को 400 करोड़ का फटका
किसानों के आंदोलन के चलते शुक्रवार को चौथे दिन भी जिले के उद्यमियों का रिम धुरा, बर्तन, माचिस, पेपर , सरिया, गर्डर, बैटरी आदि का माल दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और अन्य स्थानों पर नहीं जा सका। शुक्रवार को करीब 100 करोड़ का फटका उद्यमियों का लगा। चार दिन में अब तक उद्यमियों का करीब 400 करोड़ रुपये का माल प्रभावित हुआ है। आईआईए के चेयरमैन आशीष जैन का कहना है कि चौथे दिन भी माल नहीं जा सका। आवाजाही बंद रही। कई माल के ट्रक बॉर्डर पर फंसे हैं। साइमा और लघु उद्योग भारती के जिला चेयरमैन अंकित गोयल, पूर्व चेयरमैन अनुज गर्ग ने कहा कि कच्चा माल भी दिल्ली से नहीं आ पा रहा, जिसके कारण फैक्टरी बंद होने के कगार पर पहुंच गई है। 50 से अधिक ट्रक बाॅर्डर पर फंसे हुए हैं।
चप्पे-चप्पे पर तैनात रहा फोर्स
शामली। किसानों के भारत बंद के आह्वान के चलते शामली और कैराना में मुख्य चौराहों और मार्गों पर पुलिस और पीएसी के जवान तैनात रहे।

किसान आंदोलन के चलते पुलिस क्षेत्र में सतर्कता बरत रही है। शामली बस स्टैंड, कांधला तिराहा, शामली बाईपास, पानीपत बाईपास, खुरगान बाईपास फ्लाईओवर और हरियाणा बॉर्डर यमुना पुल पर पुलिस और पीएसी के जवान तैनात रहे। यमुना पुल पर मौजूद पुलिस द्वारा आने जाने वाले वाहनों की चेकिंग भी की गई। वहीं किसानों के भारत बंद के आह्वान का क्षेत्र में कोई असर देखने को नहीं मिला। सीओ और एसपी भी गश्त करते नजर आए। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भी सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस तैनात की गई थी।
फल आपूर्ति रही प्रभावित
शुक्रवार को भी शामली, कैराना, कांधला में किन्नू, अंगूर की आपूर्ति प्रभावित रही। आढ़ती सलीम ने बताया कि कुछ ट्रक घूमकर फलों को लेकर आ रहे हैं, जिसमें अधिक खर्च भी हो रहा है। जिसके कारण फलों के रेट और भी अधिक बढ़ने की संभावना है।
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किसानों ने शांतिपूर्वक ढंग से धरना दिया । लोगों को परेशानी नहीं होने दी गई। धरने के आसपास वाले स्थानों पर रूट डायवर्ट भी किया गया था।
-संतोष कुमार सिंह, एडीएम शामली

शामली कलेक्ट्रेट के सामने हाइवे धरने पर बैठे भाकियू कार्यक्रताओ को सम्बोधित करते वक्ता

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