- 17 मार्च को भाजू में होगी भाकियू की मासिक पंचायत
- भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत कर सकते हैं आंदोलन की घोषणा
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संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। दिल्ली-देहरादून इकॉनमिक काॅरिडोर पर भाजू गांव में इंटरचेंज की मांग काे भाकियू टिकैत ने मुद्दा बना दिया है। इस मुद्दे पर सिसौली में होने वाली मासिक पंचायत इस बार 17 मार्च को भाजू में होगी। जिसमें भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत इंटरचेंज के साथ अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरेंगे।
तीन राज्यों से गुजरने वाले दिल्ली-देहरादून इकॉनमिक काॅरिडोर पर बागपत में ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे और अग्रवाल मंडी टटीरी, मुजफ्फरनगर जिले के करौदा महाजन, शामली जिले के बुटराड़ा और थानाभवन क्षेत्र के ख्यावड़ी गांव में इंटरचेंज प्रस्तावित है। इसके अलावा सहारनपुर जिले के गणेश चौक पर इंटरचेंज बनेगा। किसान शामली जिले में भाजू, बागपत में गांगनौली, ननौता-देवबंद मार्ग पर बड़गांव में इंटरचेंज की मांग कर रहे हैं।
ढाई माह पूर्व किसानों की समस्याओं को लेकर केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान की अध्यक्षता में शामली कलक्ट्रेट बैठक हुई थी। जिसमें भाजू में इंटरचेंज की मांग भाकियू कार्यकर्ताओं ने उठाई थी। इस संबंध में केंद्रीय मंत्री को ज्ञापन दिया था। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय की ओर से भाजू गांव में इंटरचेंज निर्माण की अधिसूचना जारी नहीं की गई। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने भाजू में इंटरचेंज बनाने की मांग को लेकर 17 मार्च काे महापंचायत का एलान किया है।
शामली-भौराकलां मार्ग भाकियू की राजधानी सिसौली से होकर शाहपुर तक जाता है। भाकियू इस मुद्दे को प्रतिष्ठा से जोड़ रही है। भाजू में इटरचेंज नहीं मिला ताे भाकियू बड़े आंदोलन की घोषणा कर सकती है।
- मंत्री के आश्वासन के बाद भी नहीं मिला इंटरचेंज
भाकियू के पउप्र महासचिव कपिल खाटियान का कहना है कि मंत्री संजीव बालियान ने भाजू में इंटरचेंज निर्माण का आश्वासन दिया था। बाद में शामली की तत्कालीन डीएम जसजीत कौर ने अवगत कराया था कि उन्होंने भाजू में इंटरचेंज की स्थापना के लिए एनएचएआई को पत्र लिखा है। एनएचआई के बागपत परियोजना निदेशक संजय कुमार मिश्रा का तबादला हो चुका है।
- इंटरचेंज की मंत्रालय से होती है मंजूरी
एनएचएआई बागपत इकाई के परियोजना निदेशक एके जैन ने बताया कि भाजू में इंटरचेंज बनाने के लिए पूर्व परियोजना निदेशक ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय को संस्तुति भेजी है। इंटरचेंज मंत्रालय स्तर से ही स्वीकृत होता है। इंटरचेंज स्वीकृत कराना उनके हाथ में नहीं है। दूसरी ओर, दिल्ली-देहरादून इकॉनमिक काॅरिडोर के टीम लीडर एनसी मिश्रा का कहना है कि इंटरचेंज की स्थापना के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय में समस्याओं को रखकर मांग पूरी करा सकते हैं। आवश्यक हुआ तो इंटरचेंज स्वीकृत हो सकता है।