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भाजपा दंगे के दर्द को कुरेदती है : जयंत चौधरी

Wed, 09 May 2018 11:08 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली
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रालोद के कार्यक्रम में भाग लेते जयंत चौधरी और सपा-रालोद प्रत्याशी तबस्सुम हसन। - फोटो : अमर उजाला
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शामली में रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा कि आज देश में हालात ठीक नहीं हैं। भाजपा दंगे के दर्द को कुरेदती है, लेकिन हम उन घावों को भरने का काम करते हैं। संसद में किसानों का नेतृत्व नहीं है। कैराना सीट जीतकर संसद में अपना प्रतिनिधि बैठाना है। कैराना लोकसभा उपचुनाव जयंत चौधरी का है और हर कार्यकर्ता का है। इस चुनाव को जीतने के लिए सभी को एकजुट होकर मेहनत करने की जरूरत है। बुधवार को शामली में कैराना रोड स्थित बैंक्वेट हाल में सभा के दौरान रालोद नेता जयंत चौधरी ने केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकारों पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यालय में दंगे की चर्चा होती है। भाजपा वाले घावों को कुरेदने का काम करते हैं और दंगे का माहौल बनाकर दिल्ली का रास्ता तय करते हैं, उनकी साजिश को समझने की जरूरत है। मगर, रालोद और सपा ने घावों को भरने के लिए ही गठबंधन किया है। यह गठबंधन नहीं, बल्कि ग्रेट बंधन है, जो बहुत आगे तक चलेगा। वहीं, उन्होंने मुख्यमंत्री योगी पर हमला बोलते हुए कहा कि मासूमों की मौत होती है, लेकिन मुख्यमंत्री उंगली दिखाकर कहते हैं नौटंकी बंद करो। जयंत चौधरी ने कहा कि शामली क्षेत्र की जनता उंगली और अहंकार को तोड़ना जानती है। कैराना से सपा विधायक नाहिद हसन ने कहा कि कैराना के सांसद बनने की बात नहीं, बल्कि यह चुनाव पूरे देश का भविष्य तय करेगा। नाहिद हसन ने कहा कि हम तो भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण में यकीन रखते हैं। उन्होंने कहा कि पलायन का शोर मचाने वालों को 2017 में जनता ने जवाब दे दिया था। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर दंगा भाजपा ने कराया था। सपा दंगों के मुकदमों में समझौते कराएगी। उन्होंने कहा कि समझौते हो गए, तो संजीव बालियान को भाजपा छोड़नी पड़ेगी। पूर्व मंत्री एवं सपा एमएलसी वीरेंद्र सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव और जयंत चौधरी ने अच्छा फैसला लिया है। पूर्व सांसद अमीर आलम ने कहा कि रालोद, सपा, बसपा, कांग्रेस का अपना वजूद है। शामली से इंकलाब जिंदाबाद का नारा बुलंद हो गया है। साजिश के तहत चुनाव रमजान के महीने में रखा गया है, ताकि मुसलिमों का मतदान प्रतिशत कम हो। अगर मतदान प्रतिशत कम हुआ, तो अगला चुनाव भी रमजान में रखा जाएगा। मुसलिमों के साथ ही जाट बिरादरी के लोगों से अपील की कि गुमराह नहीं होना है। हमारे अस्तित्व की लड़ाई है, गिले शिकवे दूर करके गठबंधन प्रत्याशी को जिताना है। सपा नेता राजपाल कश्यप ने कहा कि गोरखपुर और फूलपुर सीट पर भाजपा को हराया। कैराना की जनता चुनौती को कबूल करती है। पूर्व विधायक प्रभुदयाल वाल्मीकि ने कहा कि दलित समाज का भाजपा सरकार में उत्पीड़न हुआ है। अब दलित समाज गठबंधन के साथ है। सपा नेता सुधाकर कश्यप ने कहा कि चुनाव के दौरान हिंदू-मुसलिम की बात की जाती हैं। जिन्ना की तस्वीर पर लोगों को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। पूर्व सांसद तबस्सुम हसन ने कहा कि चौधरी अजित सिंह ने शीर्ष नेतृत्व के साथ फैसला किया है। हिंदू, मुसलिम या बिरादरी का सवाल नहीं है। अपने हकों और मुद्दों की लड़ाई है। क्योंकि भाजपा ने समाज को पीछे छोड़ दिया है। पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर ने कहा कि नेताओं ने पुराना गठबंधन खड़ा किया है। इस दौरान सपा एमएलसी संजय लाठर, प्रोफेसर सुधीर पंवार, रुद्रसैन, मुफ्ती जुल्फिकार, सपा नेता गौरव स्वरूप, रालोद प्रदेश अध्यक्ष डाक्टर मसूद अहमद, पश्चिमी यूपी अध्यक्ष डॉक्टर अनिल चौधरी, अहमद हमीद, सपा नेता प्रमोद त्यागी, पूर्व मंत्री किरणपाल कश्यप, पूर्व मंत्री साहब सिंह सैनी, राजकुमार यादव, राहुल वर्मा, राकेश शर्मा, वाजिद अली, पूर्व विधायक राजेंद्र शर्मा, नवाजिश आलम, राममेहर गुर्जर, डाक्टर राजकुमार सांगवान, तरसपाल मलिक, धर्मवीर बालियान, अशरफ अली खान आदि ने विचार व्यक्त किए। सभा की अध्यक्षता पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल और संचालन योगेंद्र चेयरमैन तथा राशिद अली चौहान ने संयुक्त रूप से किया। जाटों को साधते नजर आए जयंत चौधरी शामली। कैराना लोकसभा सीट के उपचुनाव के लिए जाट बिरादरी को साधने में रालोद को खासी कसरत करनी पड़ रही है। क्योंकि पूर्व के चुनाव में रालोद का परंपरागत वोट (जाट) छिटक गया था। अब रालोद इसी प्रयास में है कि परंपरागत वोट (जाटों) को मजबूती से साथ जोड़कर रखा जाए, ताकि कैराना लोकसभा सीट के उपचुनाव में जीत दर्ज की जा सके। बुधवार को शामली पहुंचे रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने जाट बिरादरी को साधने का खूब प्रयास किया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि चौधरी साहब की विरासत को संभाल लो, तो यह भी कहा कि संसद में किसानों का नेतृत्व करने वाला अब कोई नहीं है। यह भी समझाया कि कैराना सीट पर जीत मिलने पर सांसद रालोद का ही बनेगा। वहीं, लखनऊ में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ हुई वार्ता के बारे में भी कहा कि भाजपा वाले तरह तरह की बातें उड़ाएंगे, लेकिन बंद कमरे में अखिलेश यादव से वार्ता में पुराने शिकवे दूर हो गए और सांप्रदायिक ताकतों को रोकने के लिए ही गठबंधन का फैसला हुआ। गठबंधन को उन्होंने ग्रेट बंधन का नाम भी दिया। साथ ही कहा कि जाट बिरादरी का हर व्यक्ति नेता होता है, जो चुनाव लड़ना और लड़ाना खूब जानता है। यह भी कहा कि किसान खेत में फसल उगाता है, तो फसल काटने का हक भी उसी का है। चुनाव प्रबंधन की ओर इशारा करते हुए कहा कि जैसे ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ते हो, वैसे ही इस चुनाव में जीतना है। ऐसा नहीं होना चाहिए कि शोर मचाते रहे और नतीजे उलट आ जाएं। इसके अलावा शामली को इंटरनेशनल जगह बताकर उन्होंने देश के दूसरे राज्यों और विदेशों में जाकर काम करने वालों की तारीफ भी की। लब्बोलुआब यही है कि रालोद की तरफ से जाटों को साधने का भरपूर प्रयास किया जा रहा है। क्योंकि कैराना लोकसभा सीट पर जाट बिरादरी के करीब डेढ़ लाख मतदाता बताए जाते हैं। नजर नहीं आए बसपा और कांग्रेस के नेता शामली। गठबंधन की प्रत्याशी तबस्सुम हसन के नामांकन से पहले हुई सभा के दौरान जहां सपा और रालोद के नेताओं से मंच भरा हुआ था। मंच संचालक से लेकर गठबंधन प्रत्याशी और अन्य नेताओं ने रालोद, सपा, कांग्रेस और बसपा जिंदाबाद का नारा बुलंद किया, लेकिन मंच पर कांग्रेस और बसपा नेता दिखाई नहीं दिए। संजीव जीवा की पत्नी ने दिया गुलदस्ता शामली। विधायक कृष्णानंद राय और ब्रह्मदत्त द्विवेदी हत्याकांड के आरोपी संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा की पत्नी पायल माहेश्वरी ने भी गठबंधन प्रत्याशी के प्रचार के लिए शामली में होर्डिंग लगवा दिए हैं। पायल माहेश्वरी काफी समय से रालोद से जुड़ी हुई हैं और 2017 के विधानसभा चुनाव में मुजफ्फरनगर शहर सीट से रालोद के टिकट पर चुनाव भी लड़ी थीं। वहीं, बुधवार को कैराना रोड स्थित सभा के दौरान पायल माहेश्वरी भी पहुंची और गठबंधन प्रत्याशी तबस्सुम हसन को बुकें देकर स्वागत किया।
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