शामली। सड़क हादसों में घायलों की जान बचाने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए शुरू की गई राहवीर योजना जिले में परवान नहीं चढ़ पा रही है। योजना के तहत घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले मददगार को 25 हजार रुपये की पुरस्कार राशि देने का प्रावधान है, इसके बावजूद लोग योजना का लाभ लेने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। परिवहन विभाग पिछले दो साल में सिर्फ दो घायलों की मदद करने वाले लोगों को ही चिह्नित कर पाया है। सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को शुरुआती एक घंटे यानी गोल्डन ऑवर में चिकित्सा सहायता मिल जाए तो उसकी जान बचने की संभावना बढ़ जाती है। इसी उद्देश्य से शासन ने वर्ष 2021 में गुड सेमेरिटन योजना शुरू की थी। इसके तहत घायलों को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को पांच हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी जाती थी। अप्रैल 2025 में योजना का नाम बदलकर राहवीर योजना कर दिया और पुरस्कार राशि बढ़ाकर 25 हजार कर दी गई। इसके बावजूद जिले में योजना के तहत मददगारों की संख्या नहीं बढ़ पा रही है।