कैराना। यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद यमुना किनारे गांवों में किसानों की धान, ईख व मिर्च आदि फसलों का काफी नुकसान हुआ है। भाकियू की युवा टीम ने गांव खुरगान पहुंचकर हालात की जानकारी ली।
यमुना नदी में बाढ़ के कारण यमुना किनारे के गांव खुरगान, बसेडा, नगलाराई, हैदरपुर, मामौर, सहपत व मवी आदि गांवों में किसानों की हजारों बीघा धान, ईख व मिर्च आदि की फसलें बर्बाद हो गई। बृहस्पतिवार को भारतीय किसान यूनियन के युवा जिलाध्यक्ष आशीष चौधरी के नेतृत्व में भाकियू कार्यकर्ता गांव खुरगान में पहुंचे। जहां पर बारिश व यमुना नदी के पानी से किसानों की फसलों के नुकसान की स्थिति देखी। भाकियू के मीडिया प्रभारी तालिब चौधरी ने बताया कि गांव खुरगान में किसान इस्लाम, नौशाद, बिलाल, इलियास, अफसर, बासित, फाजिल, शौकत, राशिद व रियासत आदि सैकड़ों किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं। जल्दी किसानों को फसलों का उचित मुआवजा दिलाने के लिए अधिकारियों से बात की जायेगी। संवाद