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Shamli News: भाकियू अराजनैतिक का कलक्ट्रेट में दस घंटे तक चला धरना

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-विधायी समिति के गाड़ी के काफिले का किसानों ने किया घेराव
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- भाजपा एमएलसी वीरेंद्र सिंह की किसानों के साथ नोकझोंक
- प्रशासन की सख्ती से हटे किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। जिले की चीनी मिलाें से संपूर्ण गन्ना भुगतान कराए जाने और जिले की दूसरी चीनी मिलों को गन्ना खरीद केंद्र आवंटित करने की मांग को लेकर भाकियू अराजनैतिक के संरक्षक और गठवाला खाप के चौधरी राजेंद्र सिंह मलिक के नेतृत्व में किसानों ने कलक्ट्रेट में दस घंटे से ज्यादा समय तक धरना दिया। धरने के दौरान गुस्साए किसानों ने विधायी समिति की गाड़ियों के काफिले का घेराव किया। भाजपा एमएलसी वीरेंद्र सिंह के साथ किसानों की नोकझोंक हुई। 27 करोड़ रुपये का जिले की चीनी मिलों की ओर तुरंत गन्ना भुगतान करने और शामली-थानाभवन मिल द्वारा प्रत्येक माह 60-60 करोड़ रुपये और ऊन चीनी मिल पचास करोड़ रुपये दिए जाने के आश्वासन पर किसानों ने धरना समाप्त कर दिया।
शुक्रवार को भाकियू अराजनैतिक के संरक्षक और गठवाला खाप के चौधरी बाबा राजेंद्र मलिक के नेतृत्व में किसानों ने सुबह दस बजे कलक्ट्रेट पहुंचकर धरना शुरू कर दिया। कलक्ट्रेट में भाकियू अराजनैतिक के धरने की अध्यक्षता जगपाल सिंह सहारनपुर ने की। शामली कलक्ट्रेट में बैठक के बाद जब विधायी समिति की गाड़ियों का काफिला बाहर निकल रहा था, तो किसानों ने उनका घेराव कर दिया। इस दौरान विधायी समिति में आए भाजपा एमएलसी वीरेंद्र सिंह और किसानों के बीच नोकझोंक हुई। बाद में किसानों ने विधायकों को उनके समर्थन में आने की बात कही। जिला प्रशासन की सख्ती के बाद किसान गाड़ियों के आगे से हटे।
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पूरे दिन किसानों के साथ तीन दौर की वार्ता हुई। पहले दौर की एसडीएम सदर विनय कुमार भदौरिया, डीसीओ विजय बहादुर सिंह्, जिले के तीनों चीनी मिलों के जीएम मौजूद रहे।एडीएम वित्त एवं राजस्व संतोष कुमार की दो दौर की वार्ता किसानों के साथ हुई। एडीएम की मौजूदगी में किसानों के साथ वार्ता में जिले की चीनी मिलों की ओर से 27 करोड़ रुपये का तुरंत भुगतान किए जाने, शामली-थानाभवन मिल प्रत्येक माह 60-60 करोड़ रुपये और ऊन मिल 50 करोड़ रुपये दिए जाने पर सहमति बनी।
किसानों और जिला प्रशासन के बीच वार्ता का हवाला देते हुए भाकियू अराजनैतिक के प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने बताया कि किसानों का बेमियादी धरना शाम सात बजे जिला प्रशासन के आश्वासन पर समाप्त हो गया है। समझौता वार्ता में जिला प्रशासन ने जिले की चीनी मिलों का स्टाॅक सत्यापित करने के लिए एसडीएम की अध्यक्षता में समिति गठित करने और समिति में किसानों को शामिल करने की मांग स्वीकार की है। मलिक ने बताया कि किसानों के प्रस्तावों पर मिल गेट के खरीद केंद्रों को छोड़कर अन्य खरीद केंद्रों के प्रस्ताव दूसरे जिले की चीनी मिलों को आवंटित किए जाने का प्रस्ताव डीएम की ओर से चीनी आयुक्त लखनऊ भेजे जाने पर सहमति बनी है।
उन्होंने बताया कि किसानों और चीनी मिलों के गन्ना भुगतान की समीक्षा के लिए डीसीओ विजय बहादुर सिंह की अध्यक्षता में बैठक होगी। जिसमें चीनी मिलों के स्टाॅक में चीनी की जांच की जाएगी। कम चीनी वाली मिल के खिलाफ कार्रवाई किए जाने का भी आश्वासन दिया गया है। भाकियू अराजनैतिक के सरंक्षक बाबा राजेंद्र मलिक ने कहा कि यदि किसानों के साथ धोखा किया, तो बर्दाश्त नही किया जाएगा।
धरना प्रदर्शन में जावेद तोमर, जिलाध्यक्ष दुष्यंत मलिक, नरेश सहारनपुर, अंकित चौधरी, जगपाल सिंह सहारनपुर, जगवीर फौजी समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। संचालन आशु त्यागी ने किया।
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शामली मिल की डिस्टलरी पर लगाया ताला

कलक्ट्रेट के धरना समाप्ति के बाद भाकियू अराजनैतिक के सरंक्षक एवं गठवाला खाप के बाबा राजेंद्र मलिक के नेतृत्व किसानों ने शामली चीनी मिल की डिस्टलरी का ताला लगाकर भाकियू अराजनैतिक का ध्वज लगा दिया। चीनी मिल और किसानों के साथ वार्ता में एक सप्ताह में शामली मिल के मालिकों और किसानों के बीच वार्ता के आश्वासन पर किसानों ने ताला खोल दिया।
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