फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shamli News: भैंसवाल बाईपास अंडरपास निर्माण का कार्य अधर में लटका

विज्ञापन
विज्ञापन
शामली। नवीन जिला मुख्यालय पर भैंसवाल गांव से दिल्ली-शामली, सहारनपुर हाईवे को जोड़ने वाले भैंसवाल बाईपास के अंडरपास का निर्माण कार्य अधर में लटक गया है। अंडरपास निर्माण के लिए उत्तर रेलवे की निर्माण एजेंसी को एलाइमेंट के अनुसार भूमि की सीध नहीं मिल पा रही है। इससे रेलवे की निर्माण एजेंसी को अंडरपास का कार्य शुरू करने में परेशानी हो रही है।
विज्ञापन

अखिलेश सरकार में वर्ष 2016 में नवीन जिला मुख्यालय के भैंसवाल गांव को दिल्ली-शामली, सहारनपुर हाईवे को जोड़ने के लिए 3.5 किमी लंबाई का मिनी बाईपास प्रस्तावित किया गया था। वर्ष 2017 में सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बनी भाजपा सरकार ने 18 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त की थी। भैंसवाल बाईपास के बीच दिल्ली-शामली, सहारनपुर रेलवे लाइन गुजर रही है। लोक निर्माण विभाग प्रातीय खंड शामली ने दिल्ली-शामली, सहारनपुर रेलवे लाइन के लिए 94 किमी का मध्य लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड ने अंडरपास प्रस्तावित किया था। जिले का लोक निर्माण विभाग शामली वर्ष 2018 में अंडरपास निर्माण की 4 करोड़ 25 लाख रुपये की धनराशि रेलवे को हस्तांतरित कर चुका है। मगर रेलवे की ओर से भैंसवाल अंडरपास का निर्माण शुरू नहीं किया गया। सांसद प्रदीप चौधरी की अध्यक्षता में दिशा की बैठक में जिले के सदर विधायक प्रसन्न चौधरी, जिला पंचायत सदस्य उमेश पंवार समेत कई जनप्रतिनिधियों ने भैंसवाल अंडरपास निर्माण का मुद्दा उठाया था। बाद में रेलवे के अधिकारियों की ओर से भैंसवाल बाईपास के अंडरपास का टेंडर मेरठ की कंपनी को दिया गया। अगस्त माह में भैंसवाल अंडरपास निर्माण के लिए डिजाइन स्वीकृति के लिए रेलवे को भेजा गया। पिछले दो माह से डिजाइन पास हो चुका है। वहीं भैंसवाल गांव के पास दोनों ओर बाईपास का निर्माण हो चुका है, मगर रेलवे अंडरपास निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है। उत्तर रेलवे के सेक्शन इंजीनियर थानसिंह का कहना है कि भैंसवाल अंडरपास निर्माण के लिए एलाइमेंट की सीध के लिए भूमि नहीं मिल रही है। इस संबंध में कई बार लोकनिर्माण विभाग प्रातीय खंड के सहायक अभियंता और अवर अभियंता को अवगत करा चुके हैं। वह लेखपाल न मिलने की बात कहकर मामले को अधर में लटका रहे हैं। दूसरी ओर लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सनत गुप्त ऋषि का कहना है कि रेलवे अंडरपास निर्माण में भूमि का कोई विवाद नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें