शामली। शहर के वीवी पीजी कॉलेज में ग्रीन पटाखे बेचने की अनुमति दुकानदारों को दी गई है। मगर नियमों का उल्लंघन करते हुए कॉलेज में इसकी आड़ में प्रदूषण युक्त प्रतिबंधित पटाखें भी बेचे जा रहे हैं। दुकानदार भी प्रतिबंध के नाम पर मनमाने रेट वसूल रहे हैं। शुक्रवार को इसकी पड़ताल की तो 15 में से 12 दुकानदार प्रदूषण युक्त पटाखे देने को तुरंत तैयार हो गए। यहीं नहीं, पटाखें दिखाए भी गए। पड़ताल के दौरान दुकानदारों से हुई बात
दुकानदार-1
संवाददाता : तेज धमाके वाले पटाखे मिल जाएंगे क्या, मुर्गे वाले?
दुकानदार : प्रदूषण युक्त पटाखे दिखाते हुए, इन पर प्रतिबंध है साब 100 वाला 150 रुपये का दूंगा
संवाददाता: कुछ कम कर लो, कई ले लूंगा
दुकानदार- चलो तुम्हारे लिए है, 150 दे देना।
दुकानदार-2
संवाददाता : मुर्गे वाले अनार और बम है क्या ?
दुकानदार : स्टॉल के नीचे से निकालकर अनार का पैकेट दिखाते हुए 300 रुपये का है।
संवाददाता : यह तो 200 रुपये का आता था, फिर 300 का क्यो
दुकानदार : इन पर प्रतिबंध है। पीछे से ही महंगे आए है और छिपाकर बेचने पड़ रहे हैं
दुकानदार-3
संवाददाता : तेज आवाज वाले पटाखे चाहिए।
दुकानदार: मुर्गा छाप वाले सभी पटाखे दिखाता है, थोड़े महंगे है।
संवाददाता : इन पर तो रोक लगी हुई है
दुकानदार : इनके बिना गुजारा नहीं है
संवाददाता : भाई ये तो वातावरण को प्रदूषित कर देंगे
दुकानदार: यही लोगों की पहली पसंद है। इनके बिना दुकानदारी नहीं है।
संवाददाता ने 15 दुकानों पर जाकर पड़ताल की, जिनमें से 12 दुकानों पर प्रतिबंधित पटाखे मिले।
कुछ दुकानों पर नहीं था आग बुझाने के लिए अग्निशमन
दमकल विभाग ने पटाखा विक्रेताओं को आगजनी पर अंकुश लगाने के लिए अग्निशमन यंत्र रखने के निर्देश दिए हुए हैं। पड़ताल के दौरान सामने आया कि कुछ दुकानदारों ने तो अग्निशमन यंत्र रखे हुए थे मगर कुछ के पास अग्निशमन यंत्र नहीं थे।
दमकमकर्मियों ने मात्र 8 मिनट में कर दिया दुकानदारों को जागरूक
वीवी काॅलेज में दोपहर के समय दमकल विभाग की टीम पटाखा विक्रेताओं को जागरूक करने के लिए पहुंची। चार जवानों ने मात्र आठ मिनट में सभी को जागरूक कर दिया। सभी को अग्निशमन यंत्र रखने के निर्देश दिए मगर किसी भी दुकानदार के पास टीम ने यंत्र चैक करना तक मुनासिब नहीं समझा। न ही तेज आवाज वाले पटाखे चैक किए गए। जागरूक करने के नाम पर टीम के सदस्य खानापूर्ति करते हुए नजर आए।
वीवी कॉलेज में ग्रीन पटाखों के साथ-साथ प्रतिबंधित तेज आवाज वाले पटाखों को बेचने का मामला जानकारी में नहीं है। छापामारी कर प्रदूषण युक्त पटाखे बेचने वालों पर शिकंजा कसा जाएगा। प्रदूषण युक्त पटाखे नहीं बेचने दिए जाएगे। दुकानदारों से भी अपील है कि ग्रीन पटाखे ही बेचें।
- अभिषेक, एसपी शामली
शहर में प्रदूषण युक्त पटाखे बेचने की जानकारी नहीं है। प्रदूषण युक्त पटाखे बेचने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी। ऐसे दुकानदारों को बख्शा नहीं जाएगा।
- संतोष कुमार सिंह, एडीएम शामली
दिवाली रोशनी का पर्व, कानफोड़ू पटाखों की जरूरत नहीं
बीएस कोमल और सखी सेंटर प्रभारी गजाला त्यागी ने कहा कि दिवाली दीयों और रोशनी का पर्व है। इसके लिए कानफोड़ू पटाखों की जरूरत नहीं है। दिवाली के दिन करोड़ों रुपये इसमें बर्बाद हो जाते हैं। प्रदूषण से लोग भी बीमार हो जाते हैं।
स्मॉग और पटाखों से निकली गैस श्वास नली में पहुंच जाती है
दीपावली पर अगर पटाखे चलाए तो अस्थमा सहित अन्य मरीजों को और भी अधिक प्रभावित करेंगे। एसीएमओ डॉ. अतुल बंसल ने बताया कि पटाखों से निकलने वाली विषैली गैस सामान्य व्यक्ति के लिए हानिकारक व मरीजों के लिए घातक है। पटाखे अस्थमा, एलर्जी और पोस्ट कोविड-19 मरीजों के लिए बहुत घातक है। आंखों की बीमारियां हो जाती हैं। स्किन डिजीज भी हो जाती है।