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Shamli News: ऑनलाइन गेम खेलने के दौरान भी खाली हो सकता है बैंक खाता

Tue, 07 May 2024 04:05 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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शामली। साइबर अपराधी ठगी के लिए आए दिन नए-नए पैंतरे आजमा रहे हैं। ये अपराधी ऑनलाइन गेमिंंग के जरिए पैसा कमाने का लालच देकर लोगों को शिकार बना रहे हैं। शामली पुलिस के पास इस तरह का एक मामला सामने आया है। ऑनलाइन गेम खेलने के दौरान शहर के करनाल रोड पर रहने वाले छात्र सद्दाम के पिता के खाते से 50 हजार रुपये निकाल लिए गए। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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कैसे की जा रही है ऑनलाइन ठगी

साइबर एक्सपर्ट इंस्पेक्टर संजीव भटनागर के अनुसार साइबर अपराधी ऑनलाइन गेमिंग एप के जरिए पैसा कमाने का लालच देकर यूजर्स का डेटा व बैंक खाते संबंधी जानकारियों तक पहुंच बना लेते हैं। बच्चों में पब्जी, फ्री फायर व अन्य ऑनलाइन गेम लोकप्रिय हैं। साइबर ठग सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर फेक पेज बनाकर उस पर पब्जी, फ्री फायर व अन्य ऑनलाइन गेम, गेम के टूल व बैटल गन बेचने का विज्ञापन डालते हैं। इन विज्ञापनों को देखकर बच्चे उनके जाल में फंस जाते हैं और ठगी आसान हो जाती है।
ओटीपी पूछकर करते हैं जानकारी
अपराधी पहले खाते में रकम मांगते हैं और बाद में बच्चों से उनके पैरेंट्स के क्रेडिट कार्ड व डेबिट कार्ड का नंबर और फिर मोबाइल पर आए ओटीपी को पूछकर ऑनलाइन ठगी कर लेते हैं।
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ऑनलाइन ठगी से कैसे बचे

एसपी अभिषेक के ने बताया कि ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए अपने क्रेडिट कार्ड व डेबिट कार्ड का नंबर किसी भी आनलाइन गेम में सेव न करें। पेमेंट करने से पहले निर्धारित मोबाइल नंबर पर ओटीपी आता है, जिसे शेयर नहीं करना चाहिए।
पाठकों के सवाल और उनके जवाब
सवाल : फेसबुक, इंस्टाग्राम एकाउंट हैक करके रुपये मांगे गए। मामले की शिकायत पुलिस से भी की गई मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। प्रांजुल चौधरी मालैंडी
जवाब: मामले की जानकारी नहीं है। शिकायत की कॉपी दें, कार्रवाई की जाएगी।
सवाल: ऑनलाइन गेम्स खेलते समय भी ठगी हो रही है, क्या करें। प्रांशु चौधरी, गोहरनी
जवाब: ऑनलाइन गेम्स के दौरान कोई ओटीपी पूछे तो उसकी जानकारी नहीं दें। बच्चों को भी जागरूक करें।
सवाल : साइबर ठगी के मामलों में तुरंत कार्रवाई क्यों नहीं की जाती। - राजन जावला
जवाब: समय से शिकायत मिलने पर जिले में कई लोगों के रुपये वापस दिलाए गए हैं। आप शिकायत करें, कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

आपके साथ भी किसी तरह की साइबर ठगी या फिर ठगी का प्रयास हुआ तो अमर उजाला के मोबाइल नंबर 9548521732 पर व्हाट्सएप या फिर कॉल कर जानकारी दे सकते हैं। साइबर क्राइम को लेकर आपकी कोई शंका है कि हमें भेजें, साइबर एक्सपर्ट से उनका जवाब दिलाने का प्रयास किया जाएगा। आपकी समस्या को अखबार में भी प्रकाशित किया जाएगा।
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