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Shamli News: आयुष्मान कार्ड मिला फर्जी, ट्रक मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज

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शामली। ट्रक चालक का इलाज के दौरान जांच में आयुष्मान कार्ड फर्जी पाया गया। चालक की पत्नी ने ट्रक मालिक पर फर्जी आयुष्मान कार्ड बनवाने, वेतन न देने और इलाज में सहयोग न करने का आरोप लगाया है। एसपी के आदेश पर चालक की पत्नी की तरफ से आदर्श मंडी थाने पर ट्रक मालिक के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज हुई है।
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गढ़ीपुख्ता थानाक्षेत्र के गांव धनैना निवासी सीमा ने एसपी अभिषेक को प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि उसके पति रामकुमार ट्रक चालक है। 2015 से उनके पति सुनील कुमार निवासी गांव पिंडोरा थाना झिंझाना का ट्रक चला रहे हैं। तब से उनके पति को ट्रक मालिक ने कोई वेतन नहीं दिया जबकि 19 हजार रुपये प्रति महीना और खाना खर्चा तय हुआ था। ट्रक मालिक उनके पति को जीवन यापन के लिए सिर्फ खाना खर्चा देते रहे।
पीड़िता ने बताया 27 अप्रैल को उनके पति ट्रक में यमुनानगर प्लाईवुड का सामान लेकर गए थे। वहां दोपहर को उनकी तबियत खराब हो गई। परिजन यमुनानगर पहुंचे और रामकुमार को लाकर शामली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। निजी अस्पताल में आयुष्मान कार्ड पर उनके पति का इलाज शुरू हुआ। पीड़िता का आरोप है कि आयुष्मान कार्ड को ट्रक मालिक सुनील ने बनवाकर दिया था और कार्ड बनवाने के आठ हजार रुपये लिए थे। संतोषजनक इलाज न होने पर तीन मई को परिजन रामकुमार को मेरठ हॉस्पिटल ले गए,जहां आयुष्मान कार्ड पर उसे भर्ती कर लिया, लेकिन अगले दिन चार मई को आयुष्मान कार्ड को नकली बताकर रिजेक्ट कर दिया।
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पीड़िता का कहना है कि उसने ट्रक मालिक से इलाज का खर्चा उठाने और पति का आठ साल का वेतन देने की मांग की तो ट्रक मालिक ने किसी भी प्रकार का खर्चा देने से मना कर दिया। पीड़िता ने एसपी से ट्रक मालिक से अपने पति का पूरा वेतन दिलाने और रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की। एसपी के आदेश पर आदर्श मंडी थाना पुलिस ने ट्रक मालिक सुनील के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली। आदर्श मंडी थाना प्रभारी ने बताया कि ट्रक मालिक के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।
- जिले में फर्जी आयुष्मान कार्ड का पहला मामला दर्ज
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) के तहत गरीब लाभार्थी परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं। इस योजना के तहत पांच लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त होता है। जिले में पहले भी फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाने की कई शिकायतें आती रहीं, लेकिन न तो कोई कार्रवाई हुई और न ही पुलिस में मामला दर्ज हुआ था। आदर्श मंडी थाने पर महिला की तरफ से दर्ज हुई रिपोर्ट में जिले में फर्जी आयुष्मान कार्ड का पहला मामला दर्ज हुआ है। बताया गया है कि जिस रामकुमार के नाम से आयुष्मान कार्ड बना है, उसका असली लाभार्थी इसी नाम से दूसरे गांव का निवासी है। लाभार्थी के पिता और पता बदलकर फर्जी कार्ड बनाया गया है।
- सीएमओ डॉ. संजय अग्रवाल ने बताया कि एक व्यक्ति का फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाए जाने की सूचना मिली है। इसकी रिपोर्ट लखनऊ भेज दी गई है। लखनऊ स्तर से जांच की जा रही है। जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो सकेगी।
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