शामली। नकली नंबर प्लेट का प्रयोग करने वाले वाहन चालकों पर जल्द ही शिकंजा कसा जाएगा। शामली के पटनी परतापुर, शामली मेरठ हाईवे और बागपत के जिवानी, मवीकलां टोल प्लाजा को एनएनपीआर सिस्टम (स्वचालित नंबर प्लेट पहचान कैमरे) से लैस करने की तैयारी है। इससे वाहनों की नंबर प्लेट स्कैन होकर टोल टैक्स कटेगा। इस दौरान नकली नंबर प्लेट वाले वाहन चालक भी पकड़े जा सकेंगे।
अभी तक ऐसा होता है कि सभी टोल पर फास्टैग स्कैन होने पर टोल टैक्स कटता है। गाजियाबाद और मेरठ में प्रथम चरण में सभी टोल को एएनपीआर सिस्टम से लैस किया जा रहा है। एनएचएआई बागपत के परियोजना निदेशक नरेंद्र कुमार ने बताया कि दूसरे चरण में शामली, बागपत के टोल को भी इस सुविधा से लैस करने की तैयारी है।
इसके तहत वाहन की नंबर प्लेट को एएनपीआर सिस्टम स्कैन करेगा, इसके बाद टोल टैक्स कटेगा। प्लेट के नंबर को वाहन चालक के फास्टैग से लिंक किए गए बैंक एकाउंट से भी जोड़ा जाएगा, ताकि टोल पर वाहन पहुंचते ही यह पता लग सके कि वाहन ब्लैक लिस्ट तो नहीं है। फास्टैग इसी वाहन का है या नहीं, फास्टैग में रुपये है या नहीं। इससे टोल पर फर्जीवाड़ा होने से भी रोका जा सकेगा। गाजियाबाद के बाद शामली, बागपत में इसका ट्रायल होगा। संवाद
जानिए... क्या है एएनपीआर बेस सिस्टम
परियोजना निदेशक के अनुसार, स्वचालित नंबर प्लेट पहचान कैमरे वाहनों की नंबर प्लेटों को पढ़ते हैं और उन्हें डिजिटल बनाते हैं। ये कैमरे पूरी पहचान, रिकार्डिंग, प्रक्रिया, संचार प्रक्रिया को सरल बनाते हैं। कैमरों की खास बात यह है कि इसमें उच्च गुणवत्ता की रिकार्डिंग लंबे समय तक रखी जा सकती है। कैमरों की क्वालिटी भी शानदार होती है।
फर्जी पुलिस बनने वालों पर कसेगा शिकंजा
अभी ऐसा होता है कि कुछ वाहन चालक फर्जी पुलिस का कार्ड बनवा लेते हैं और टोल पर कार्ड को दिखाकर बिना टोल दिए ही चले जाते हैं। मगर टोल पर अत्याधुनिक सिस्टम लगने के बाद फर्जी पुलिसकर्मी भी बिना टोल दिए नहीं निकल सकेंगे।
इन लोगों का नहीं लगता टैक्स
टोल कंपनी के अनुसार टोल के नजदीक रहने वाले गांवों के लोगों के आधार कार्ड देखकर उनसे टोल नहीं लिया जाता या फिर कम लिया जाता है। उनका मंथली पास भी बनाया जाता है। भाकियू से जुड़े कार्यकर्ताओं से टोल टैक्स नहीं वसूला जाता। कार्ड देखकर बिना टोल लिए ही भाकियू कार्यकर्ताओं की गाड़ी को जाने दिया जाता है।