शामली। आर्य समाज के उपदेशक वीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि आर्य समाज धार्मिक पद्धति नहीं, बल्कि वैज्ञानिक पद्धति पर चलता है।
आर्य समाज के 148वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आर्य समाज मंदिर शामली में चल रहे तीन दिवसीय आर्य सम्मेलन के दूसरे दिन शनिवार को वैदिक यज्ञ, भजन, प्रवचन के कार्यक्रम आयोजित हुए। सुबह आर्य समाज मंदिर की यज्ञशाला में वैदिक यज्ञ का आयोजन किया गया। यज्ञ के ब्रह्मा आर्य समाज मंदिर के पुरोहित डॉ. रविदत्त आर्य और यजमान राजीव आर्य व मिथलेश आर्य, राजेश आर्य व प्रतिभा आर्य, शुभाकर आर्य विवेक आर्य, गिरधारी लाल गोयल आर्य रहे। यज्ञ के बाद सहारनपुर से आए प्रसिद्ध भजन उपदेशक वीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि आर्य समाज धार्मिक नहीं, बल्कि वैज्ञानिक पद्धति पर चलता है। उन्होंने कहा शुद्ध और पवित्र होकर यज्ञ करना चाहिए। यज्ञ कामनाओं को पूर्ण करता है और विशेष सुखों को देने वाला है। भजन उपदेशक प्रताप आर्य ने भजनों के माध्यम से वेदवाणी का प्रचार किया। इस अवसर पर आर्य समाज के दैनिक यज्ञ प्रभारी राजपाल आर्य, पूरणचंद आर्य, नरेंद्र अग्रवाल, दिनेश आर्य, सुभाष धीमान, रामेश्वर आर्य, सुंदरलाल आर्य, देवी सिंह आर्य, मुकेश आर्य, आर्य, मीरा वर्मा, हेमलता आर्य, विनीता आर्य, प्रेमलता आर्य, कौशल्या आर्य, उषा आर्य, नीलम आर्य, संतोष आर्य, पूनम आर्य, मिथिलेश आर्य, सुनीतापाल आर्य आदि मौजूद रहे।