शामली। लंबी प्रतीक्षा के बाद राष्ट्रीय राज्य राजमार्ग प्राधिकरण बागपत इकाई ने कंडेला उपरिगामी पुल की ऊंचाई बढ़ाने के लिए हिसार की कंस्ट्रक्शन कंपनी को निर्देश दिए हैं। कंपनी अगले सप्ताह पुल की ऊंचाई को बढ़ाने के लिए काम करेगी। निर्माण एजेंसी के अफसरों के मुताबिक कंडेला का उपरिगामी पुल बरसात के बाद बनकर तैयार होगा। उपरिगामी पुल निर्माण पूरा करने से पहले सर्विस लेन का निर्माण पूरा होगा।
पानीपत-खटीमा हाईवे और मेरठ-करनाल हाईवे को जोड़ने वाले कंडेला- टपराना बाईपास का ज्यादातर कार्य पूरा हो चुका है। पिछले साल कंडेला के नागरिकों ने उपरिगामी पुलों की ऊंचाई कम बताकर बेमियादी धरना दिया था। 49 दिन तक चले बेमियादी धरने पर तत्कालीन सांसद प्रदीप चौधरी के हस्तक्षेप के बाद राष्ट्रीय राज्य राजमार्ग प्राधिकरण को कंडेला उपरिगामी पुल की ऊंचाई बढ़ाने के लिए तैयार किया गया। एनएचएआई बागपत की ओर से नई दिल्ली सड़क परिवहन मंत्रालय को रिपोर्ट भिजवाई गई। लोकसभा चुनाव 2024 के चलते फाइल दिल्ली सड़क परिवहन मंत्रालय में अटकी हुई थी।
अब चुनाव समाप्त होने के बाद बागपत इकाई की ओर से कंडेला पुल की ऊंचाई बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। कंडेला-टपराना बाईपास के परियोजना निदेशक घनश्याम सिंह ने बताया कि यदि बरसात नहीं हुई तो अगले तीन माह में कंडेला में उपरिगामी पुल की ऊंचाई बढ़ाकर तैयार कर दिया जाएगा। बरसात खत्म होने के बाद कंडेला उपरिगामी पुल तैयार हो पाएगा। कंडेला उपरिगामी पुल तैयार होने के बाद बाईपास के अंतिम छोर से लेकर मेरठ करनाल हाईवे के बराबर में मिलाया जाएगा। कसरेवा खुर्द के पास उपरिगामी पुल का लिंटर कार्य डल चुका है। उपरिगामी पुल के दोनों ओर सर्विस लेन का निर्माण शुरू कर दिया गया है।