शामली। प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना में डेयरी किसानों और पशुपालकों को उन्नत नस्ल एवं उच्च उत्पादकता वाली देसी गायों को पालने के लिए 10 से 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। जिले के पशुपालकों को इस योजना का लाभ मिलेगा। डीएम ने इस संबंध में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। योजना का प्रचार प्रसार करने को भी कहा।
प्रदेश में गो पालकों की आय बढ़ाने, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने एवं स्वदेशी नस्ल की गायों के प्रति उनका रुझान बढ़ाने के लिए सरकार ने नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत मुख्यमंत्री स्वदेशी गो संवर्धन योजना शुरू की है। योजना के तहत गो पालक द्वारा दूसरे प्रदेशों से साहिवाल, थारपारकर, गीर एवं संकर प्रजाति की गाय खरीदने पर उन्हें ट्रांसर्पोटेशन, ट्रांजिट इंश्योरेंस एवं पशु इंश्योरेंस समेत अन्य मदों पर खर्च होने वाली धनराशि पर सब्सिडी दी जाएगी। यह सब्सिडी गो पालकों को अधिकतम दो स्वदेशी नस्ल की गायों की खरीद पर मिलेगी। नंद बाबा मिशन के तहत मुख्यमंत्री स्वदेशी गो संवर्धन योजना का उद्देश्य स्वदेशी उन्नत नस्ल की गायों की संख्या और नस्ल को बढ़ाना है, ताकि जिले में दुग्ध उत्पादकता में वृद्धि कर प्रदेश दुग्ध उत्पादन में अग्रणी राज्य बना रहे। प्रगतिशील पशुपालन प्रोत्साहन योजना के तहत पशुपालकों को दूसरे राज्यों से लाई जाने वाली विदेशी नस्ल की स्वदेशी गाय के दूध के हिसाब से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। जैसे साहिवाल, गीर, थारपारकर गाय जो 8 से 12 लीटर दूध देगी। उसको पालने वाले किसान को 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वहीं हरियाणा प्रजाति की गाय जो 6 से 10 लीटर दूध देगी उसके पालक को 10 हजार रुपये व 10 लीटर से अधिक दूध देने पर 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। गंगातीरी प्रजाति जो 6 से 8 लीटर दूध देगी उसके पालन पर 10 हजार रुपये व 8 लीटर से अधिक दूध देने पर 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
बैठक में जिलाधिकारी रविंद्र सिंह ने सभी संबंधित अधिकारियों शासनादेश के तहत आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रंजीत सिंह, अपर जिलाधिकारी संतोष कुमार सिंह, जिला विकास अधिकारी रजत यादव, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी डॉ. हरेंद्र, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. यशवंत सिंह, उप दुग्ध विकास अधिकारी विवेक वर्मा, दुग्ध उपार्जन अधिकारी दुग्ध संघ मुजफ्फरनगर भूपेंद्र आदि मौजूद रहें।
इस प्रकार मिलेगी सब्सिडी
योजना के तहत लाभार्थी को सब्सिडी गाय की खरीद, उसके परिवहन, पशु ट्रांजिट बीमा, तीन वर्षों का पशु बीमा, चारा काटने की मशीन की खरीद एवं गायों के रखरखाव के लिए शेड के निर्माण पर दिया जाएगा। विभाग की ओर से इन सभी मदों में गो पालक का खर्च दो स्वदेशी नस्ल की गायों के लिए 2 लाख रुपये माना गया है, जिसका 40 प्रतिशत यानी अधिकतम 80 हजार रुपये सब्सिडी के रूप में दिए जाएंगे। इस योजना का लाभ उठाने के लिए लाभार्थी के पास गो पालन के लिए पर्याप्त जगह होनी चाहिये। साथ ही उनके पास पहले से 2 से अधिक स्वदेशी उन्नत नस्ल की गायें न हों। वहीं इस योजना के तहत 50 प्रतिशत महिला दुग्ध उत्पादकों एवं पशुपालकों को तरजीह दी जाएगी जबकि 50 प्रतिशत में अन्य वर्ग के लाभार्थी शामिल हैं।