शामली। जिला प्रशासन की आधी-अधूरी तैयारियां के बीच राजस्थान और हरियाणा के शिवभक्त कांवड़ियों का शहर से होकर जाने का सिलसिला शुरू हो गया है। जिले में कांवड़ मार्ग पर अतिक्रमण जस का तस है। खुले में विद्युत ट्रांसफार्मर रखे हुए है। सड़कों की बदहाली जस की तस है। सड़क किनारे सफाई का कार्य भी पूरा नहीं हो पाया है।
सावन का महीना 22 जुलाई से शुरू हो रहा है। लेकिन शहर से हरियाणा, राजस्थान और पंजाब के शिवभक्त गुजरने शुरू हो गए है। शनिवार को गंगोत्री और हरिद्वार से जल लेकर कांवड़ियों के जत्थे गुजरे। भीषण गर्मी के साथ ही जर्जर सड़कें शिवभक्तों की परेशानियों को बढ़ा रही थी। कांवड़ मार्ग की सड़कों के गड्ढों को अभी तक नहीं भरा गया है। कांवड़ मार्ग पर अभी तक खुले में जगह-जगह विद्युत ट्रांसफार्मर रखे हुए हैं। कई जगह पर केबल बॉक्स टूटे है तो कहीं पर तार लटक हुए हैं। कांवड़ मार्ग पर प्रकाश की व्यवस्था तक भी नहीं हो पाई है। अतिक्रमण भी जस का तस है। इसके अलावा कांवड़ मार्ग की सफाई व्यवस्था काम भी पूरा नहीं हो पाया है।
बनत के पास सफाई का कार्य शुरू
पानीपत खटीमा मार्ग पर बनत के निकट कांवड़ मार्ग पर नगर पंचायत बनत के कर्मचारियों ने शनिवार को सफाई का कार्य शुरू किया। कर्मचारियों ने जेसीबी चलाकर सड़क किनारे खड़े झाड़ आदि की सफाई का कार्य किया। इस दौरान घास की कटाई की गई।
मनदीप 81 किलो और गौरव का 61 किलोग्राम कलश मे लाया गंगा जल
राजस्थान के गंगानगर निवासी सुनील, विकास और हिसार के नारनौंद जिले के मनदीप, सतवीर और सोनीपत निवासी गौरव हरिद्वार से कांवड़ लेकर शामली पहुंचे। शामली तहसील के पास सोनीपत के शिवभक्त गौरव ने बताया कि पिछले कई साल से डाक कांवड़ लेकर आता था। इस बार कलश यात्रा लेकर आया है। सोनीपत के गौरव 61 किलो की और नारनौंद निवासी मनदीप 81 किलो की स्टील के कलश में गंगाजल लेकर आए है। गौरव व मनदीप ने बताया कि वह एक जुलाई से कांवड़ लेकर हरिद्वार से चले थे। 13 दिन बाद शामली पहुंचे है। उधर, मंदिर हनुमान धाम के प्रधान सलील द्धिवेदी ने बताया कि शिवभक्तों की टाेली पानीपत से शामली पहुंची। बद्रीनाथ और केदारनाथ में दर्शन के बाद हरिद्वार से गंगाजल कांवड़ में लेकर पानीपत के लिए रवाना होंगे। उन्होंने बताया कि गुजरात के शिवभक्त शामली से होकर गए है।
सावन मास की कांवड़ यात्रा को लेकर जिले में तैयारियां तेजी के साथ चल रही है। जो भी तैयारियां रह गई है, उन्हें दो दिन में पूरा कराया जाएगा।
-संतोश कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी शामली।