शामली। हरियाणा और वेस्ट यूपी के शामली को जोड़ने वाला 121 लंबाई का अंबाला-शामली ग्रीन फील्ड काॅरिडोर पर थानाभवन में टेस्टिंग का कार्य पूरा हो चुका है। 12 दिनों में कॉरिडोर पर तारकॉल डालने का कार्य शुरू किया जाएगा। थानाभवन क्षेत्र में रेलवे के उपरिगामी पुल के लिए मिट्टी परीक्षण कर लिया गया है। टेस्टिंग के बाद फाउंडेशन का कार्य शुरू हो गया है। अगले साल वर्ष 2025 में अंबाला-शामली ग्रीन फील्ड काॅरिडोर बनकर तैयार हो जाएगा।
हरियाणा और वेस्ट यूपी के अंबाला-कुरुक्षेत्र, करनाल, यमुनानगर-सहारनपुर और शामली जिले को जोड़ने वाले 121 किमी लंबाई के अंबाला- शामली ग्रीन फील्ड कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य आठ माह पहले हो चुका है। जिला प्रशासन एक्सप्रेसवे की भूमि को एनएचएआई के माध्यम से निर्माण एजेंसी को हैंडओवर कर चुका है। प्रथम चरण में सहारनपुर जिले में यमुना नदी की सीमा से लेकर शामली जिले के थानाभवन क्षेत्र के गोगवान जलालपुर को शामिल किया गया है। गोगवान जलालपुर से अंबाला-शामली काॅरिडोर दिल्ली-देहरादून में मिल रहा है। इस कारिडोर में सहारनपुर और यमुनानगर जिले की यमुनानदी सीमा से लेकर थानाभवन क्षेत्र के गोगवान जलालपुर तक मिट्टी, रोड़ी डालने का कार्य पूरा हो चुका है। निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर केके शर्मा ने बताया कि सहारनपुर जिले के यमुना नदी से लेकर नकुड़-गंगोह और शामली जिले के थानाभवन क्षेत्र तक मिट्टी-रोड़ी का कार्य पूरा हो चुका है। यमुना नदी के पास गंगोह जिले में तारकाेल डालकर काला करने और लेपन का कार्य की टेस्टिंग की जा चुकी है। आगामी पद्रंह अप्रैल के बाद लेपन कार्य शुरू हो जाएगा। उधर, थानाभवन में दिल्ली-शामली-सहारनपुर मार्ग पर उपरिगामी पुल की लोड टेस्टिंग कार्य पूरा हो चुका है। फाउंडेशन कार्य शुरू हो गया है।
-शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे का दूसरे चरण में कार्य शुरू होने की उम्मीद जगी
अंबाला-शामली काॅरिडोर का कार्य पूरा होने के बाद दूसरे चरण में शामली- गोरखपुर कॉरिडोर का कार्य शुरू होने की उम्मीद जग गई है।
लखनऊ में एक साल पूर्व मंत्री नितिन गडकरी शामली से गोरखपुर जाने वाले ग्रीन फील्ड काॅरिडोर निर्माण घोषणा कर चुके हैं। इसका सर्वे हो चुका है, किंतु एनएचएआई इसकी अधिसूचना जारी नहीं कर पाया है। अंबाला से लेकर नेपाल सीमा तक जाने वाला शामली-गोरखपुर काॅरिडोर के दूसरे चरण में कार्य शुरू होने की संभावना है। यह शामली समेत 22 जिलों और 37 तहसीलों से होकर गोरखपुर तक जाएगा। नागपुर की कंपनी डीपीआर तैयार कर रही है।