शामली शुगर मिल के चिनी गोदाम में ताला बंदी करते किसान
शामली। महापंचायत के बाद चीनी मिल के गोदाम पर किसानों ने तालाबंदी कर दी और खूब नारेबाजी की। महापंचायत के बाद किसान सीधे मिल के चीनी गोदाम पर पहुंचे।
महापंचायत में बहावड़ी थांबेदार श्याम सिंह ने बयान दिया कि हमनें पूर्व में मिल मालिकों से भुगतान के दौरान पुराना भुगतान किश्तों में दिए जाने की बात रखी थी। इस बयान पर किसान भड़क गए। किसानों के विरोध के बाद थांबेदार को अपने बयान में सुधार करना पड़ा। किसानों के हंगामे को देखते हुए भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत और रालोद सुप्रीमो जयंत चौधरी ने किसानों का दर्द भांंपकर महापंचायत समिति की मांगों का समर्थन किया और साथ खड़े होने की घोषणा कर दी।
भाकियू के सचिव ओमपाल सिंह फुगाना, बहावड़ी थांबेदार श्याम सिंह ने कहा कि शामली चीनी मिल के अधिकारियों से तीन दौर की वार्ता हो चुकी है। वार्ता के दौरान समाधान नहीं निकला है। थांबेदार श्याम सिंह, कालखंडे खाप के चौधरी संजय कालखंडे ने कहा कि किसान किसी के बहकावे में नहीं आएगा। महापंचायत के बाद किसान और खाप चौधरी शामली गन्ना सहकारी समिति मे इकट्ठा हुए।
गन्ना समिति से किसान और खाप चौधरी अपर दोआब मिल के चीनी गोदाम पर पहुंचे। बहावड़ी थांबेदार श्याम सिंह, कालखंडे खाप के चौधरी संजय कालखंडे के नेतृत्व में किसानों ने चीनी मिल गोदाम की तालाबंदी कर दी और हंगामा किया। चीनी मिल के गोदाम की तालाबंदी के दौरान शामली गन्ना समिति के सचिव मुकेश राठी, मास्टर सजीव सिलावर, यशपाल सिंह, देवा प्रधान, बाबूराम पंवार, शमशाद, रणपाल सिंह निर्वाल, विनोद लिलौन, रायबहादुर लिलौन मौजूद रहे।