-यूपी हरियाणा सीमा विवाद के चलते यूपी प्रशासन द्वारा कब्जा मुक्त करायी भूमि पर हरियाणा प्रशासन जता रहा अपना स्वामित्व
-अभिलेखों की जांच होने तक टली दोनों प्रदेशों के अधिकारियों की बैठक
कैराना।
यूपी-हरियाणा सीमा विवाद को लेकर दोनों प्रदेशों के प्रशासनिक अधिकारियों की होने वाली बैठक अभिलेखों की जांच होने तक टल गई है। यूपी तहसील प्रशासन द्वारा सीमा पर कब्जा मुक्त कराई गई 22 बीघा भूमि पर हरियाणा प्रशासन अपना स्वामित्व जताया है। इसी को लेकर तहसील प्रशासन पांच दशक पुराने राजस्व अभिलेखों की जांच करने में जुटा हुआ है।
गत 8 अगस्त को तहसीलदार गौरव सांगवान ने राजस्व टीम व पुलिस बल के साथ यूपी-हरियाणा सीमा पर क्षेत्र के गांव मवी-हैदरपुर के रकबे में स्थित नवीन परती की करीब 22 बीघा भूमि को कब्जा मुक्त कराया था। मौके पर सीमांकन कराते हुए वहां बोई गई धान की फसल को ग्राम प्रधान के सुपुर्द कर दिया गया था। इसके बाद हरियाणा प्रशासन ने कब्जा मुक्त कराई गई भूमि पर अपना स्वामित्व जताया था तथा हरियाणा के समालखा के एसडीएम अनिल कुमार भारद्वाज ने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ तहसील में पहुंचकर एसडीएम कार्यालय में बैठक की थी। कहा था कि कब्जा मुक्त कराई गई भूमि हरियाणा के किसानों की है।
इसके बाद एसडीएम कैराना स्वप्निल कुमार यादव ने 16 अगस्त को तहसील में पुन: बैठक के लिए सहमति जाहिर की थी, लेकिन यह बैठक टल गई है। फिलहाल, स्थानीय प्रशासन की ओर से 1974 के राजस्व अभिलेखों की जांच की जा रही है। कहा जा रहा है कि जांच के उपरांत दोनों प्रदेशों के अधिकारियों की बैठक होगी, जिसमें हरियाणा प्रशासन के पास मौजूद अभिलेखों से मिलान किया जाएगा। एसडीएम स्वप्निल कुमार यादव ने बताया कि अभिलेखों की जांच कराई जा रही है। इसके बाद दोनों प्रदेशों के अधिकारियों की बैठक होगी।