दो विभाग का प्राइवेट काॅलोनियों को अनुमति दिए जाने का मामला
- दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाई, रिपोर्ट तैयार
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। जिला पंचायत और मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण के सीमा विवाद के मामले में डीएम की ओर से गठित समिति ने मौके पर जांच की। रिकाॅर्ड की जांच करने के बाद दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जिला पंचायत कार्यालय की ओर से गोहरनी गांव में डिफेंस गार्डन और शहर की सीमा में अर्पण काॅलोनी की अनुमति दिए जाने पर मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण ने आपत्ति प्रकट करते हुए तत्कालीन डीएम जसजीत कौर से शिकायत की थी। प्राधिकरण के अधिकारियों का दावा है कि उनके सीमा क्षेत्र में जिला पंचायत की ओर से अनुमति दी गई। जबकि दोनों काॅलोनी मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण के क्षेत्र में आती है। तत्कालीन डीएम जसजीत कौर ने एडीएम संतोष कुमार, सचिव प्राधिकरण को जांच के आदेश दिए थे। दोनों विभागों की पत्रावली जिला पंचायत कार्यालय से तलब कर परीक्षण किया गया।
बुधवार को एडीएम संतोष कुमार सिंह, मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण के सचिव आदित्य प्रजापति, तहसीलदार सदर प्रशांत अवस्थी ने राजस्व टीम के साथ मौके पर मुआयना किया। एडीएम ने बताया कि प्रथम दृष्टया क्षेत्राधिकार का विवाद सामने आया है। अर्पण काॅलोनी ने मुख्य मार्ग पर लगभग 17 हजार मीटर का नक्शा प्राधिकरण से पास कराया, जबकि उसी के पीछे लगभग 1.32 लाख मीटर का जिला पंचायत से पास कराया गया है।
इसी प्रकार डिफेंस गार्डन कॉलोनी को जिला पंचायत ने शामली सीमा से एक किमी के अंदर मानते हुए अनुमति दी, जबकि प्राधिकरण इसे अपने क्षेत्र में मानता है। जांच रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस मामले में दोषी पाए जाने के बाद कार्रवाई की जाएगी।