कैराना (शामली)। झिंझाना क्षेत्र में पुलिसकर्मियों पर हमला कर राइफल और इंसास लूटने के मामले में चारों आरोपियों को पुलिस ने कैराना कोर्ट में पेश किया।
दो अक्तूबर 2018 को रात में झिंझाना थाने कमालपुर चेकपोस्ट पर होमगार्ड संजय और सिपाही संसार सिंह पर हमला कर दिया कर उनकी इंसास और राइफल लूट ली थी। विरोध करने पर हमलावरों ने संजय को गोली मारकर घायल कर दिया था। जबकि सिपाही पर राइफल के बट से हमला किया था। घटना के करीब 12 दिन बाद 14 अक्तूबर को पुलिस ने इस केस खुलासा करते हुए राइफल बरामद कर ली थी। इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में आरोपियों के संबंध पंजाब के खालिस्तानी लिब्रेशन फ्रंट से होना सामने आया था। इस केस की जांच एनआईए को सौंप दिया गया था। एनआईए कोर्ट लखनऊ ने 10 जुलाई 2019 को चारों आरोपियों को सात-सात साल की सजा सुनाई थी। शनिवार को लखनऊ जेल में बंद चारों बंदियों करमवीर सिंह उर्फ करमा निवासी गांव अजीजपुर, करम सिंह निवासी रंगाना फार्म थाना झिंझाना, गुरजंट सिंह उर्फ जिन्टा और अमृत सिंह निवासी करनाल हरियाणा को पुलिस बंदी रक्षक गाड़ी में लेकर कैराना कोर्ट पहुंची। लखनऊ पुलिस के एसआई सावल प्रसाद ने बताया कि सभी चारों बंदियों पर जानलेवा हमला करने, लूट, अवैध हथियार रखने और लूट की राइफल बरामद होने का मामला कैराना कोर्ट में चल रहा है। इस मामले में चारों बंदियों की कोर्ट में तारीख थी। कोर्ट में पेशी के बाद पुलिस चारों बंदियों को लेकर लखनऊ के लिए रवाना हो गई।