शामली वीवी डिग्री कॉलेज में पटाखों की खरीदारी करते लोग।
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जरा सी लापरवाही पड़ सकती है भारी
शामली। दीपों का त्योहार दीपावली सोमवार को धूमधाम से मनाई जाएगी। इस त्योहार पर दीप प्रज्वलित करने के बाद लोग पटाखे जलाए जाते हैं। त्योहार की खुशी में पटाखे जलाते समय सावधानी बरतनी चाहिए। पटाखा जलाते समय लापरवाही भारी पड़ सकती है।
दीपावली पर घरों व प्रतिष्ठानों को इलेक्ट्रिक झालरों, कंडील, फूल-मालाओं व अन्य सामान से सजाया गया है। बड़ी दीपावली का त्योहार सोमवार को धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दौरान सबसे ज्यादा पटाखे जलाकर त्योहार की खुशी मनाई जाती है। बच्चे अपने अभिभावकों के साथ ही सावधानी बरतते हुए पटाखे जलाएं।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी दीपक शर्मा ने बताया कि बच्चों को पटाखा जलाते समय अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। वैधानिक रूप से निर्मित पटाखों को ही खरीदें। पटाखों को जलाने के लिए मोमबत्ती को डंडे में बांधकर प्रयोग करें और उचित दूरी बनाकर रखें। समतल स्थान पर पटाखे रखकर जलाएं। पटाखा छोड़ते समय चुस्त और मोटे सूती कपड़े पहने। सिंथेटिक या सिल्क के ढीले कपड़ों को न पहनें। पटाखों को हाथ में पकड़कर जलाने की कोशिश न करें।
आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए दो बाल्टी पानी तैयार रखें। पटाखों को ज्वलनशील पदार्थों से दूर रखकर जलाएं और कम आवाज वाली आतिशबाजी का प्रयोग करें। इसके अलावा जो पटाखे छुड़ाते समय जल नहीं पाते, उन्हें उठाकर न देखें। पटाखे को जेब में नहीं रखना चाहिए और एक समय एक से अधिक पटाखे नहीं जलाने चाहिए। घनी बस्तियों, पेट्रोल पंप, तेल के भंडार आरा मशीन, पंडाल स्थानों के पास पटाखे या रॉकेट न चलाएं व जलता हुआ पटाखा किसी के ऊपर न फेंकें। पटाखों के ऊपर झुककर उनको चलाने की कोशिश न करें।